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    बच्चेदानी में कपडा ठूंसने से हुई प्रसूता की मौत की जाँच के आदेश

    दतिया 03/अगस्त/2016 (रामजी शरण राय)>>>> कलेक्टर मदनकुमार ने इन्दरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसूता की बच्चेदानी में कपड़ा ठूँसने के प्रकरण में जाँच के आदेश दिये हैं। प्रकरण की जाँच प्रभारी कलेक्टर डी.के. जैन करेंगे। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.एस. गुप्ता ने प्राथमिक जाँच की रिपोर्ट भी मँगाई है। उल्लेखनीय है कि पिंकी पत्नि राहुल कोरी का प्रसव उपरांत रक्तस्राव रोकने के लिए बच्चेदानी में कपड़ा ठूँसने के बाद हालत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय रैफर करना और उपचार शुरू करने के पहले ही प्रसूता की मौंत हो गई। जबकि प्रसूता ने स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया था। कलेक्टर ने मृतका का मेटरनल डेथ रिब्यू कराने हेतु अपर कलेक्टर को निर्देशित किया। 
    क्या है मामला 
        प्रसव के बाद रक्तस्राव नहीं रूका तो नर्सों ने प्रसूता की बच्चेदानी में कपड़ा ठँूस-ठूँूसकर भर दिया। प्रसूूता की हालत निरन्तर बिगड़ती गई जिसके चलते जिला चिकिस्तालय को रैफर कर दिया। जहाँ ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों ने जाँच के लिए खून निकालने का प्रयास किया किन्तु खून नहीं निकला। इससे पहले कि वे इलाज शुरू करते कि प्रसूता ने दम तोड़ दिया। 
    डाॅक्टरों द्वारा पिंकी का चेकअप किया तो उसकी बच्चेदानी में करीब एक किलोग्राम कपड़ा निकला। उत्तरप्रदेश के ऊगई निवासी पिंकी पत्नि राहुल कोरी उम्र 24 वर्ष इन्दरगढ़ क्षेत्र के ग्राम नौगुवाँ अपने चाचा के सहाँ आयी थी। प्रसव पीड़ा हाने पर पिंकी को परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इन्दरगढ़ में भर्ती कराया गया। जहाँ पिंकी ने प्रातः 530 बजे स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया। 
    प्रसव के बाद पिंकी को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा और न रूकने की स्थिति में बच्चेदानी में नर्सों ने कपड़ा ठूँस दिया। पिेकी की हालत लगातार बिगड़ती गई तो प्रातः 930 बजे उसे दतिया जिला चिकित्सालय रैफर कर दिया गया। जिला चिकित्सालय में डाॅ. अजय सिंह व डाॅ. ए.के. ओझा ने पिंकी का चेकअप किया तो पल्स नहीं मिल रही थी लेकिन दिल में हल्की धड़कन आ रही थी। 
    रक्तस्राव अत्यधिक हाने पर पिंकी शरीर में खून खत्म हो चुका था। अतः जब परीक्षण के लिए डाक्टरों ने खून निकालने का प्रयास किया तो खून नहीं निकला। उपचार शुरू करने के बाद 11 बजे पिंकी ने दम तोड़ दिया।  
    पिंकी के चाचा लखनलाल के अनुसार इन्दरगढ़ अस्पताल में प्रसव के दौरान डाक्टर और नर्स की लापरवाही व कपड़ा ठूसना एवं समय रहते रैफर न करने व जिला चिकित्सालय में विलम्ब मेरी भतीजी की मौत के कारण रहे।   
    डाॅ. अशोक सिंह बीएमओ इन्दरगढ़ के अनुसार: 
    नर्स ने ब्लीडिंग रोकने के लिए कपड़ा लगाया और डाॅक्टरों को बताया तक नहीं, यह गंभीर मामला है। सुबह डाॅ. शाक्य ने ने प्रसूता की जाँच उपरांत जिला चिकित्सालय रैफर कर दिया। इस प्रकरण की विभागीय जाँच कराई जावेगी जो दोषी पाया जावेगा उसके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। 
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