• --New-- Click here to Watch News channel online.
  • रविशंकर उपाध्याय स्मृति युवा कविता पुरस्कार 2018 -- बलिया के अदनान कफ़ील दरवेश को | Rubaru news
    Powered by Blogger.

    रविशंकर उपाध्याय स्मृति युवा कविता पुरस्कार 2018 -- बलिया के अदनान कफ़ील दरवेश को

    वाराणसी.23/10/2017 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >> बी .एच .यू . हिंदी विभागके शोध छात्र रहे युवा कवि रविशंकर उपाध्याय की स्मृति में प्रति वर्ष दिया जाने वाला 'रविशंकर उपाध्याय स्मृति युवा कविता पुरस्कारइस वर्ष गड़वार, बलिया, के रहने वाले अदनान कफ़ील दरवेश को दिया जायेगा।अदनान वर्तमान में जामिया मीलिया इस्लामिया,दिल्ली में परास्नातक के छात्र हैं।वे इस समय के एक उभरते हुए संभावनशील युवा कवि हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए इस समिति के निर्णायक मण्डल ने उन्हें इस वर्ष के पुरस्कार के लिए चुना है।
           यह पुरस्कार डॉ रविशंकर उपाध्याय स्मृति संस्थान, वाराणसी द्वारा प्रति वर्ष एक ऐसे कवि को दिया जाता है जिसकी उम्र 35 वर्ष से अधिक न हो और जिसका कोई संग्रह प्रकाशित न हुआ हो।
    इस पुरस्कार का निर्णय महत्वपूर्ण आलोचक अरुण होता(कोलकाता),सुप्रसिद्ध कवि अरुण कमल(पटना), प्रतिष्ठित कवि मदन कश्यप(दिल्ली),चर्चित कथाकार अखिलेश(लखनऊ), और महत्वपूर्ण कवि श्रीप्रकाश शुक्ल(वाराणसी) की समिति ने सर्वसम्मति से किया है।यह पुरस्कार 12 जनवरी 2018 को रविशंकर के जन्मदिन पर वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया जायेगा।
             निर्णायक मंडल ने अदनान कफ़ील दरवेश के नाम की अनुशंसा करते कहा है कि "इनकी उपलब्ध कविताओं से गुजरते हुए हिंदी कविता में ये प्रबल संभावनाओं के कवि दिखाई देते हैं।इनकी कविताओं से कवि की काल सजगता, प्रतिबद्धता और आम जनजीवन से सहज जुड़ाव के लक्षण मिलते हैं।विषय वैविध्य और सफल अभिव्यक्ति के साथ इनकी कविताओं में अपने समय व समाज को ईमानदारी से समझने का प्रयास दिखाई देता है जहां पुरबिया के लोक चित्त के साथ वैश्विक समस्याओं और पर्यावरण के प्रति गंभीर संवेदनशीलता का परिचय मिलता है।"
           ध्यातव्य है कि प्रतिभाशाली युवा कवि रविशंकर उपाध्याय का 19 मई 2014 को बी .एच .यू .के अस्पताल में तीस वर्ष की अवस्था में ही ब्रेन हैमरेज से निधन हो गया था ।वे छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय थे और बी. एच. यू. में 'युवा कवि संगम' जैसे आयोजन के संस्थापकों में थे।उनका पहला कविता संग्रह "उम्मीद अब भी बाकी है" नाम से उनकी मृत्यु के बाद वर्ष 2015 प्रकाशित हुआ था।उनकी स्मृति में पहला पुरस्कार वर्ष 2015 में रांची की युवा कवयित्री जसिंता केरकेट्टा को ,दूसरा पुरस्कार वर्ष 2016 में बलिया के अमृत सागर को तथा तीसरा पुरस्कार वर्ष 2017 में दिल्ली के निखिल आनंद गिरि को दिया जा चुका है। @विकास राय




    Share on Google Plus

    About Rubaru News

    This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
      Blogger Comment
      Facebook Comment

    0 comments:

    Post a Comment