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    पुलिस की कमियों को छुपाने के लिए अधीक्षक ने दी इलेक्ट्रानिक मीडिया को धमकी

    अमेठी25/10/2017 (YogendraShrivastava UP Head) @www.rubarunews.com >>   प्रदेश की भाजपा सरकार बनी तब से भूमाफियाओं पर अंकुश लगाने और अधिकारियों से जनता की समस्याओं को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिया था।  अमेठी का पुलिस प्रशासन इस तरह भ्रस्टाचार  मे लिप्त है कि  देश की सेवा के लिये आर्मी का जवान जम्मू  कश्मीर मे बार्डर पर तैनात है।

    मामला बार्डर पर तैनात राजेश तिवारी संग्रामपुर थाना क्षेत्र के कोलवा गाँव का रहने वाला है।उसका आरोप था।कि संग्रामपुर थाना के इशारे पर गाँव के कुछ दबंग लोग उनका घर और जमीन कब्जा कर उनका सामान भी उठा ले गये है।इसके लिये उन्होने जिले के सभी अधिकारियो के पास गये। लेकिन देश के बार्डर पर तैनात इस जवान की जनपद के अधिकारी सुनने को तैयार नही दिखे। इसी मामले को लेकर बुधवार को अमेठी पुलिस अधीक्षक पूनम से शिकायत करने पहुँचे तो पहले  दो घण्टे तक उससे कोई मुलाकात ही नही हो सकी। इस जवान के साथ सैकङो की संख्या में फरियादी मौजूद रहे लेकिन शिकायत सुनने के बजाय अपने पीआरओ के साथ विभागीय मामलो को निपटाने में लगा रहा। 
     अमेठी की मीडिया की दखल अन्दाजी के बाद उसे मिलवा दिया  गया।लेकिन कोई ठोस आश्वसन नही मिला बल्कि अन्य अधिकारी के पास भेज दिया गया।ये सिर्फ इन्ही को नही बल्कि अन्य फरियादियो को भी लम्बा इंतजार करना पड़ता है।

    जब  मामलो को लेकर मीडिया कर्मियो द्वारा बात करने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने अपना आरोप छिपाने और मामले को खत्म करने के लिये मीडिया कर्मियो से इस तरह उलझ गई कि दुबारा कैम्पस के अन्दर आने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दे डाली। पुलिस अधीक्षक मीडिया के किसी भी सवालो का जबाब नही देती है बल्कि उनका फोन भी पीआरओ के द्वारा ही मीडिया को बताया जाता है। 

    जबकि पीड़ित फौजी ने संग्रामपुर पुलिस के द्वारा पच्चास हजार रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया है। और मामले की सुनवाई और अधिकारियों के द्वारा दबंग आरोपियो का पक्ष लेने का भी आरोप लगया है।

    पहला सवाल यह है कि- मीडिया कर्मी किसी पीड़ित का या अधिकारी का बयान नही ले सकता?

    सवाल न दो मीडिया कर्मियो के अधिकार पर पाबंदी मानी जाती ?
    सवाल न तीन-पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रवेश करने के लिए कैसे अधीक्षक से परमिशन ले?

    सवाल न चार- क्या पुलिस अधीक्षक प्रशासनिक कार्यकुशलता को छुपाने के नायब तरीका खोज निकाला?


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