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    जिले के अधिकारियो के करीबियो का विरोध प्रदर्शन ऐसा की अधिकारियो पर चले अपनी रौब

    अमेठी, 17/अक्टूबर/2017(rubaruUPdesk) @www.rubarunews.com >>   उत्तर प्रदेश के अमेठी की आयरन लेडी नाम से विख्यात रीता सिंह जो रीता सिंह जन कल्याण समिति की अध्यक्ष है। और यह  समिती  किसानो के हित मे जिले मे काम कर रही है । आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जो विरोध प्रदर्शन किया उसको लेकर  कई सवाल खड़े हो रहें है। सवाल उठना भी इस लिए लाजमी है कि जामों सामुदायिक स्वास्थ्य के अधीक्षक संदीप कुमार चौरसिया जिला अस्पताल मीटिंग पर गये उधर जिले के अधिकारियो के  गुणगान करने वाले तथा-कथित पत्रकार जो जनपद के बड़े अधिकारियो की चापुलुसियत और कर्मठ अधिकारियो की विरोध इस लिए करते रहते है की उनकी महत्वाकांक्षी मांग पूरी नही हो पाती है अपने व्यक्तिगत मामले में एक व्यक्त के खिलाफ जामो में बिना डिग्री के इलाज करने का आरोप लगा कर कई बार छापा डालकर कार्यवाही करवाने का प्रयास किया।लेकिन हर बार छापे में उक्त आरोपी के यहाँ स्वस्थ विभाग के छापे में  कुछ नही मिला।
     जिससे हमेशा अधीक्षक संदीप कुमार चौरसिया  निशाने पर रहते है।
                   प्रर्दशन की सूचना मिलने पर जामो कोतवाली के कोतवाली इंस्पेक्टर शिवबालक मौके पर दल बल के साथ इस लिए पहुंचे की किसान यूनियन कार्यकर्ताओ ने संविदा चिकित्सा डॉ मीनाक्षी सिंह से उलझ गये थे। मीनाक्षी सिंह ने किसान यूनियन के कार्यकर्ताओ से महज इतना कह दिया कि आप लोग शांत हो जाइये डाक्टर साहब के आने पर आप अपनी बात रखना। क्योंकि मरीजो को परेशानी हो रही है इतना कहने पर किसान यूनियन के कार्यकर्ताओ का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। अभद्र शब्दों में अपना विरोध प्रर्दशन करते  दिखाई दिये। 
              जिसका खामियाजा ये हुआ की सीएमओ अमेठी ने डॉ0 मीनाक्षी सिंह जो कि संविदा कर्मी  को हटाने के  नियम विरुद्ध  तरीके से हटाने का मौखिक आदेश दिया है संविदा  कर्मी को स्वास्थ विभाग के शासनादेश के अनुसार संविदा कर्मी को उसके नियूक्त स्थान से हठाया नही जाएगा। किसान नेता रीता सिंह इस बात पर अड़ गई थी अब सीएम   आएं और मीनाक्षी सिंह को हटाए जिस के क्रम में अधिकारियों को सूचना गई और मौके पर सीएमओ  अमेठी मौके पर पहुंचे, रीता सिंह की नाजायज मांगो को जायज मानते हुए तत्काल प्रभाव से उन्होंने मीनाक्षी सिंह को जामों से हटा दिया। सवाल ये अब ये उठता है जब किसान यूनियन को सीएमओ के सामने अपनी बात रखनी थी तो शांत तौर से जिला मुख्यालय पर रख सकती थी। इस तरह से लाठी डंडो से लैस भारी संख्या में लोगो के साथ विरोध प्रदर्शन से मरीजो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ मरीज तो अस्पताल के सामने से ही बिना इलाज कराये बैरंग लौट गये। आप को यह  भी बताते चले कि प्रसव पीडिता को अस्पताल मे नही जाने दिया गया। जिससे उसे मजबूरन अन्य अस्पताल का सहारा लेना पडा़। 
              आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामो चिकित्सा अधीक्षक संदीप कुमार चौरसिया संभाल नहीं पा रहे हैं जो आए दिन नदारद रहते हैं लेकिन डाक्टर संदीप कुमार चौरसिया जिले पर मीटिंग में गये हुए थे। ऐसी हालत में  धरना प्रदर्शन चल रहा था तो डाक्टर संदीप कुमार चौरसिया जब यह जानकारी हुयी की अस्पताल में किसान यूनियन के लोग लाठीडंडो के साथ अस्पताल का घेराव किये है तो वो मीटिंग छोड़ अस्पताल मजबूरन आना पडा। जबकि जिले के अधिकारियो  का लोकप्रिय पत्रकार चिकित्सा अधीक्षक संदीप कुमार चौरसिया के अवकाश  पर होने पर पेट मे दर्द और डायरिया कि शिकायत  के साथ न रहने की खबर सोशल  मीडिया पर उठा कर हटाए जाने की मॉग करता है। सीएमओ अमेठी ने किसान यूनियन के जबरदस्त विरोध के बाद एक चिकित्साकर्मी को तत्काल प्रभाव से जामो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से हटा दिया। 
    सवाल नं0 एक- किसान यूनियन के नेता शांति पूर्णंढंग से शासन प्रशासन के सामने रख कर अपनी बात कह सकते थे। 
    सवाल नं0 दो-  किसान यूनियन के नेता अगर संतोष कुमार सिंह का विरोध करने गए तो मीनाक्षी को क्यो हठाया गया। 
    सवाल नं0 तीन-  किसान यूनियन के नेता अगर संतोष कुमार सिंह औरे मीनाक्षी  का विरोध प्रर्दशन किया तो अधीक्षक के विरोध किस कारण किया गया।


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