• --New-- Click here to Watch News channel online.
  • बाबुल मोरा नैहर छूटो जाये गाकर दी अप्पा जी को अंतिम विदाई | Rubaru news
    Powered by Blogger.

    बाबुल मोरा नैहर छूटो जाये गाकर दी अप्पा जी को अंतिम विदाई

    बनारस 28/10/2017 (विकास राय) @www.rubarunews.com >>  प्रसिद्द ठुमरी गायिका पद्मविभूषण गिरजा देवी का पार्थिव शरीर जब उनके नाटी इमली स्थित संजय गांधी नगर स्थित आवास पहुंचा तो संगे सम्बन्धियों और शुभचिंतकों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। अप्पा जी के अंतिम दर्शन के लिए पूरा शहर उमड़ा था।  उनका शव अंतिम दर्शन के लिए उनके घर के सामने उनके द्वारा बनवाये गये पार्क में रखा गया था।  जहां से उनकी शव यात्रा 3 बजे के बाद मणिकर्णिका घाट के लिए निकली। मणिकर्णिका घाट पर मोक्ष दायनी के समीप उनका अंतिम संस्कार हुआ। वहीं उनकी शिष्या ने उनके लिए भारत रत्न की मांग की।
    जिस पार्क का किया लोकार्पण, वहीं सजी थी अप्पा की अंतिम सेज
             ठुमरी गायिका पार्थिव शरीर बाबतपुर एयरपोर्ट पर लेने उनकी सबसे करीबी शिष्य और भोजपुरी सिंगर मालिनी अवस्थी पहुंची थी।  शव को एक एम्बुलेंस के द्वारा वो स्वयं परिजनों संग लेकर उनके आवास पर पहुंची।  जहां परिजनों की आंखो से आंसू नहीं रुक रहा था। गिरजा देवी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके घर सामने पार्क में रखा गया।
    पार्थिव शरीर पहुंचते ही बिलख पडे सभी
             गिरजा देवी को श्रद्धांजलि देने वालों में कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण , एडीजी विश्वजीत महापात्रा, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा, आई जी दीपक रतन, एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सपा के पूर्व चंदौली सांसद रामकिशुन प्रमुख रूप से पहुंचे। यहां अप्पा जी को उनके चाहने वालों के साथ साथ कई कलाकारों ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
    मानस मसान के राम कथा मंच पर परम संत मोरारी बापू ने भी अप्पा को अपनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि के रूप में पूज्य बापू के कहने पर एक मिनट के लिए ठुमरी की धुन वादको के द्वारा बजाया गया 
    बापू ने अपने एवं अप्पा के साथ गुजरे संस्मरण भी सुनाया।
    मालनी अवस्थी ने की भारत रत्न की मांग
            गिरजा देवी की प्रमुख शिष्या मालिनी अवस्थी ने गिरजा देवी के निधन को भारतीय संगीत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति बताया जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।  उन्होंने गिरजा देवी के लिए भारत रत्न की सरकार से मांग भी की। खुले वाहन से अप्पा के पार्थिव शरीर को मणिकर्णिका घाट तक ले जाया गया। रास्ते भर होती रही पुष्प वर्षा, घाट तक विदाई देने पहुंचे लोग
    घाट पर अप्पा को गार्ड आफ आनर दिया गया
         शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुवे जब शवयात्रा मणिकर्णिका घाट पहुंची तो परम्परानुसार उनके पार्थिव शरीर को गंगा स्नान कराया गया। परिजनों और प्रियजनों ने उन्हें जलांजलि दी।
    स्नान और जलांजलि के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को मणिकर्णिका घाट के उत्तरी छोर स्थित विष्णु चरण पादुका पर लाया गया। यहां वाराणसी के सभी वरिष्ठ पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों, वरिष्ठ एवं युवा संगीतकारों और संत समाज की उपस्थिति में पुलिस ने बंदुके झुका कर अंतिम सलामी दी।
         शोक धुन बजाने के पश्चात अप्पा जी के पार्थिव शरीर को ग्यारह  मन लकड़ियों से तैयार चिता के उपर रखा गया।


    Share on Google Plus

    About Rubaru News

    This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
      Blogger Comment
      Facebook Comment

    0 comments:

    Post a Comment