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    आईजीआरएस पोर्टल पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर कर बना मंडल का अवल जिला

    अमेठी 13/10/2017 (SaurabhShrivastav) @www.rubarunews.com>> भाजपा की प्रदेश सरकार ने सूबे के भूमाफियाओ से  जमीनो को मुक्त कराने के लिए प्रदेश भर मे एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया। लेकिन ग्राउड जीरो पर जा कर हकीकत देखनी हो तो कुछ और ही नजारा दिखाई पडता है। सरकारी कर्मचारी  विकास कार्यों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जन शिकायतों के निस्तारण में  रुचि नही दिखाई पड रही है। मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियो को भेजे गए पीड़ितों शिकायत पत्रां पर कार्यवाई के बजाय फर्जी जांच रिपोर्ट प्रेषित कर उनका निस्तारीत होना दर्शाकर जिले का मंण्डल और प्रदेश मे स्थान प्राप्त करना ही रह गया है। 


            भू माफियाओं के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई और न ही वह माफियाओं को चिन्हित कर उसे सार्वजनिक ही किया गया। इतना ही नहीं चिन्हित करने में भी राजस्व कर्मियों ने व्यापक खेल किया है। बड़े भू-माफियाओं पर दर्जनों बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्यवाई नहीं हो सकी है। भ्रष्टाचार के मामले में भी जिले में भाजपा की सरकार बनने के बाद काफी इजाफा आया है। भ्रष्टाचार के दर्जनों मामले में उच्चाधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई करने के बजाय महज खाना पूरी कर उच्चाधिकारियों ने अपना कर्तव्य समझ लीया। आखिरकार वादकारियों को न्याय कब मिलेगा और लोग कब तक शिकायतों के जंजाल में जूझते रहेंगे ?
                मामला न0 एक- अमेठी तहसील अंतर्गत व संग्रामपुर थाना अंतर्गत गांव धौरहरा का हैअनुज प्रताप सिंह उक्त ग्राम धौरहरा तहसील व जिला अमेठी के मूल निवासी हैंउक्त गांव में इनकी पैतृक जमीन का है। इनके पिताजी की मृत्यु इनके बचपन में ही हो गई थी।गांव के भू माफिया रमेश बहादुर सिंह सुत तेज बहादुर सिंह व हरकेश मौर्या सुत झडूले ने उठाकर इनकी पैतृक जमीन को जबरदस्ती कब्जा कर लिया। जिसकी शिकायत पीड़ित कई थाना दिवस व तहसील दिवस एवं जनसुनवाई आवेदन क्रमांक 20020317003177में भी दिनांक23/8/2017 को निस्तारित कर चुके हैं। आज तक पीड़ित की जमीन उपरोक्त भू माफिया के कब्जे से मुक्त नहीं कराई गई। तहसील दिवस में पड़े प्रार्थना पत्र में तहसीलदार ने आख्या लगाया कि अनुज प्रताप सिंह का नाम खतौनी में संक्रमणीय भूमिधर एवं सह खातेदार के रूप में दर्ज है,  यह आख्या लगाकर जनसुनवाई में पड़े प्रार्थना पत्र को तहसीलदार द्वारा निस्तारित दिखा दिया गया। मुख्यमंत्री के यहां पड़े प्रार्थना पत्र  क्रमाक 16203170287993 के जवाब में उप जिलाधिकारी ने आख्या दिनांक 19/9/2017 लगाई कि उपरोक्त गाटों में धान व चरी की फसल खड़ी होने के कारण आवेदक को कब्जा दिलाया जाना विधि सम्मत नहीं है या आख्या लगा कर मुख्यमंत्री के यहां पड़े प्रार्थना पत्र को उप जिलाधिकारी ने निस्तारित दिखा दिया।पीड़ित के नाम जमीन होने के बावजूद उसकी जमीन नहीं दिलाया। तहसील प्रशासन भू माफिया को संरक्षण देने में जुटा हुआ है। तहसील के अधिकारी व कर्मचारी बहाने बाजी बना-बना कर रोज तहसील के चक्कर काटने को मजबूर किए हैं । पुस्तैनी जमीन ही दबंगों एवं भू माफिया द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है।
              मामला न0 दो - गौरीगंज तहसील अंतर्गत ग्राम पूरेविक्रम सिंह का है जहॉ पर सरकारी ग्राम समाज के बंजर खाते की जमीन पर दबंगो के द्वारा अबैध रूप से जमीन हथियाने का मामला आईजीआरएस र्पोटल पर दिनांक 06/06/2017  04/07/2017 को क्रमांक संख्या 30091317001295 और क्रमांक संख्या 30091317000550 पर अंकित किया गया। जिस पर दिनांक 26/06/2017 हे0कां0 अशोक कुमार यादव ने रिर्पोट लगाते हुए लिखा है कि रामदयाल पासी पुत्र लोधई पासी नीवासी पूरे विक्रम सिंह मजरे सरमें थाना जामो जनपद अमेठी जिनका विवाद विपक्ष्ी राकेश कुमार पुत्र छोटे लाल से जो एक ही गंव के निवासी है दोनो आपस में जमीन को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहते है।राजस्व विभाग से पैमाइस कराकर इसका निस्तारण कराये।जिसमे मामले के निस्तारण की रिपोर्ट लगा दि गयी। दिनाकं 5/08/2017 को रिर्पोट लेखपाल की आख्या को तहसीलदार ने माना की ग्राम समाज के जमीन पर कब्जा सही है बेदखली के कार्यवाही की जा रही है की रिर्पोट लगा कर मामले को निस्तारित दिख दिया। जबकि अभी तक कोई कार्यवाही नही की जा सकी है।
              मामला न0 तीन - गौरीगंज तहसील अंतर्गत ग्राम गायत्रीनगर मौजा गोरियाबाद का है जहॉ पर कमलेश कुमार तिवारी के बैनामे की जमीन गाटा सं 982ख और 1017 पर गांव के ही दबंगो ने कबजा कर लिया है जिसकी शिकायत दिनांक 29/05/2017 शिकायत संख्या 40020317004551 पर दिनांक 06/10/2017 को रिर्पोट मे प्रकरण का सम्बंध राजस्व विभाग से सम्बधिंत है प्रकरण मे फाईनल रिर्पोट लगा दिया।और मामले का निस्तारण हो गया है। जबकि मामले मे तहसीलदार के यहॉ से हकबरारी की पत्रावली ही गायब कर दी गयी।
              मामला न0 चार- प्रदेश सरकार तालाब और सरकारी जमीनो से अबैध कबजे को हटाने के लाख प्रयत्न कर ले लेकिन  जिला प्रशासन इन कबजेदारो के उपर महेरबान है तो किसी का क्या मजाल कि इन भू माफीयाओ पर प्रशासनिक कार्यवाही करवा ले। मामला जिला मुख्यालय गौरीगंज के शाहगढ ब्लाक के गांव उलरा का गांव मे मत्स पालन के लिए तालाब की जमीन पर दबंगो ने कब्जा कर लिया है ग्राम सभा के रामबहोर ने जिलाधिकारी को आईजीआरएस र्पोटल प्रर्थना पत्र संख्या 20020317003566 दिनांक 02/08/2017 को दिया उक्त मामले मे तहसीलदार के न्यायलय मे विचाराधीन होने की रिर्पोट लगाकर मामले को निस्तारित दिनांक 01/09/2017 को  कर दिया। उलरा के ग्राम प्रधान राजेश द्वारा उक्त मामले को प्रशासनिक अधिकारीयो के संज्ञान मे कई बार ला चुकने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर कुछ भी नही किया गया। दिनांक 12/10/2017 को ग्राम प्रधान राजेश ने जिलाधिकारी योगेश कुमार को प्रर्थना पत्र देकर उक्त जमीन से दबंगो से मुक्त कराये जरने की मांग किया है।
            योगी के शासन मे सरकारी मुलाजिम कागजी घोडा दौडा कर अपनी पीठ थपथपवा रहे है। जबकि धरातल पर कुछ न नजर आने के कारण विपक्ष के निशाने पर है। ऐसे मे सरकार का सबका साथ सबका विकास का र्फामूला कैसे लागू होगा पर प्रश्न चिन्ह है।
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