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    हे राम जरा तुम उत्तर दो असली सीता को छोड़ यहां नकली सीता बैठाये क्यो हे राम जरा तुम उत्तर दो-लव कुश

    गाजीपुर16/10/2017 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >>  गाजीपुर जनपद के करीमुद्दीनपुर की रामलीला का लव कुश के भव्य मंचन से हुआ समापन- पिछले दस दिनों से चल रही रामलीला का रविवार की रात अंतिम दिन रहा, रामलीला में लव कुश कांड का बहुत ही खूबसूरती से मंचन किया गया।लव-कुश के रूप में वाल कलाकारों के द्वारा प्रस्तुत जिवन्त अभिनय संवाद की प्रस्तुती करण ने एवम एक से बढकर सुन्दर दृश्य ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया ।।
    लव कुश के मंचन में राम के रूप में डॉ अश्वनी कुमार राय ने शानदार अभिनय प्रस्तुत किया ।
    साथ ही साथ लक्ष्मण- संदीप वर्मा, भरत डॉ जयप्रकाश राय, शत्रुघ्न जितेन्द्र राय पप्पू राय, वसिष्ट डॉ रामानंद तिवारी, हनुमान विनय कुमार राय, अंगद मन्नी राय एवम सबसे ज्यादा दर्शकों की तालियां एवम पुरस्कार लव- प्राची राय और कुश- अंकिता राय के हिस्से में रहा। लव एवम कुश की शानदार भूमिका में दोनों बच्चियों ने बहुत ही सराहनीय अभिनय प्रस्तुत किया।
             राम राज्याभिषेक के बाद एक दिन जनता के मध्य सीता के लंका में रहने को लेकर तरह तरह की चर्चा सभा दूत के माध्यम से सुन कर राम सीता के परित्याग का फैसला करते है। राम लक्ष्मण को सीता को वन में छोड आने का आदेश देते है। लक्ष्मण सीता का बहुत ही मार्मिक संवाद के पश्चात लक्ष्मण सीता को वन में छोड कर आते है।
         अयोध्या में अचानक अकाल और तरह तरह की विपदाओं ने पैर पसार लिया। इसके उपाय के लिए गुरू वशिष्ट ने राम को यज्ञ करने की सलाह दी।सीता के प्रतिमा के साथ यज्ञ कि तैयारी शुरू की गयी तभी अयोध्या के राज दरबार के दरवाजे पर वीणा लिए दो ऋषि कुमार के रूप में लव कुश का आगमन।
       राम के द्वारा दोनो वालको को दरवार में सम्मान पूर्वक बुलाया जाता है। राम के द्वारा परिचय पूछने पर मा वन देवी के पुत्र और वाल्मीकि का शिष्य के रूप मे लव कुश अपना परिचय देते है। राम के पूछने पर की ऋषि बालक क्या सुनाते हो तो लव कुश ने कहा की हम राम सीता का चरित्र सुनाते है।
    राम की आज्ञा से लव कुश सीता चरित्र सुनाते है।
    हे राम जरा तुम उत्तर दो
    असली सीता को छोड यहाँ नकली सीता बैठाये क्यों हे राम जरा तुम उत्तर दो।
    वाली सुग्रीव दोनों बन्दर थे भाई
    वाली को छुप कर मार दिये और तनिक दया नहीं आइ
    अपने मतलब के कारण तारा की मांग धुलाये क्यो
    हे राम जरा तुम उत्तर दो
    पंचवटी में सुर्पणखा थी फिर भी जात की नारी
    नारी पर है शस्त्र उठाना महा पाप है भारी
    फिर भी तुमने शुर्पणखा की नाक कान कटवाए क्यों हे राम जरा तुम उत्तर दो
         रामलीला समिति के डायरेक्टर ओंकार नाथ राय जी ने पात्रों की खूब  सराहना की ।आपने कहा की रामलीला समिति करीमुद्दीनपुर आभारी हैं उन सभी सदस्यों का जिन्होंनो पूरी लगन के साथ वर्षों से चली आ रही प्राचीन रामलीला को सहयोग करने में अपना क़ीमती वक़्त और योगदान दिया है।
    पात्रों के साथ साथ पदाधिकारियों ने भी अपने दायित्व को बहुत ही शानदार तरीके से निभाया, जिससे की पात्रों में निरन्तर उत्साह और लगन बना रहा ।राम लीला समिति के ब्यवस्थापक सुनील राय ने भी पात्र पदाधिकारी एवम दर्शको के प्रति आभार ब्यक्त किया।आपने रामलीला समिति के डायरेक्टर ओंकारनाथ राय, उप डायरेक्टर ओमप्रकाश राय अध्यक्ष पप्पू राय, उपाध्यक्ष लव कुमार राय, व्यवस्थापक सुनील राय, उप व्यवस्थापक प्रवीण राय कोषाध्यक्ष उमेशचन्द राय और मिडिया के माध्यम से रामलीला की हर झलक हर खबर को जनता तक पहुचाने के लिए विकास राय  और राकेश कुमार पांडेय के योगदान की भी बहुत ही सराहना की।
        अगली वर्ष फ़िर हम आपके सामने भगवान राम की लीला को दिखाने के लिए प्रस्तुत होंगे इस भरोसे के साथ लाइट साउण्ड,वादक एवम करीमुद्दीन पुर थानाध्यक्ष केपी सिंह एस आई अशोक गुप्ता एवम स्टाफ के प्रति भी आभार ब्यक्त किया।
        कार्यक्रम में डा दिनेश चन्द्र राय, जय राम ठाकुर,हरेराम यादव, पंकज राय,छविनाथ पाण्डेय, इन्दू शेखर राय, राजेश पाण्डेय, प्रवीण राय, अखिलेश चौरसिया, महेश्वर  पाण्डेय,रविन्द्र राय छोटा महन्त, राम जी राय, समेत हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।


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