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    मणिकर्णिका घाट काशी का मुख चन्द्र है जिसमे कोई कलंक नहीं है

    गाजीपुर30/102017(विकास राय)@ www,rubarunews काशी नगरी में शंकर के मंदिर कामधेनु के रोम और भैरव उसके सिंग है। मणिकर्णिका घाट काशी का मुख चन्द्र है जिसमे कोई कलंक नहीं है। मनुष्य के विचार ही काशी है। काशी में सत्य प्रेम करूणा का भण्डार है।
    यह बातें प्रख्यात राम कथा मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के सामने गंगा पार मानस मसान के मंच से कही।
          पूज्य बापू ने कहा की काशी आनन्द वन है, बहुत बडा तीर्थ है यहां भगवान विष्णु ने तपस्या की थी। मणिकर्णिका घाट के निकट चक्र पुष्करणी कुंड में भगवान शिव ने स्नान किया था। काशी को कलियुग में दुर्गा और गाय का अंग कहा गया है।मणिकर्णिका महात्म्य की चर्चा करते हुए बापू ने कहा की मै एक सप्ताह से नित्य मध्य रात्रि से ब्रह्म मुहूर्त तक मणिकर्णिका को निहारता रहता हूं।आठ दिनों में ऐसा अभ्यास हो गया है की मणिकर्णिका के दर्शन के बिना चैन नहीं आयेगा। मणिकर्णिका  के महाश्मशान का एक विशाल चित्र अब मेरे आराधना कक्ष में भी होगा।
    बापू ने उपस्थित श्रोताओं को समझाया मसान का मर्म
            बापू ने कहा की मसान वह स्थान है जहां सभी भय समाप्त हो जाते है, हर तरह का मोह मिट जाता है, व्यक्ति की इच्छाएं -अभिलाषाएं खत्म हो जाती है। मान सम्मान की चिंता का शमन हो जाता है। न कोई हर्ष रहता है न कोई विषाद रह जाता है। शिवत्व प्राप्ति का मार्ग खुल जाता है।
    दुख के बिना सुख की कीमत नहीं
           पूज्य मोरारी बापू ने मानस मसान में कहा की जीवन में सब कुछ अच्छा ही अच्छा हो यह संभव नहीं है। एक बात याद रक्खो, जब तक तुम दुख से नहीं गुजरोगे, तब तक सुख की सच्ची कीमत समझ में नहीं आयेगी।
             सुख की कीमत समझने के लिए दुखी होना जरूरी है। बापू ने कहा की दुखी होना भी एक योग है। जब तुम दुखी होते हो अपने उन कार्यो को याद करते हो जिनके कारण रोना पडता है। रोने के दौरान ही समझ में आता है की ऐसा नहीं करना चाहिए था वैसा नहीं करना चाहिए था। उसी समय व्यक्ति भविष्य में ऐसा वैसा कुछ भी नहीं करने के लिए संकल्पित होता है।
    पश्चाताप के आंशुओ में उसके पाप बह जाते है।
    तीर्थ के पांच लक्षण
    राष्ट्रीय संत मोरारी बापू ने मानस मसान के मंच से तीर्थ के पांच लक्षण को इस प्रकार बताया।
    जहां पांच बस्तुएं होती है वहां तीर्थ होता है। जहां जप तप वन, अग्नि और मंत्र निरन्तर प्रकट हो वहां तीर्थ है। प्रत्येक मसान अपने में एक तीर्थ है और मणिकर्णिका महान तीर्थ है।
    सत्य कभी खंडित नहीं हो सकता
              बापू ने कहा की सत्य को कभी भी खंडित नहीं किया जा सकता है।कलिकाल सिर्फ प्रभु सुमिरन का काल है। भक्ति परक कथा को आपने गंगा और कर्म परक कथा को यमुना बताया।
    तीर्थो की पवित्रता को बचाने के लिए युवाओं का आह्वान करते हुवे कहा की पवित्रता में कभी कोई कमीं नही रही है, हर हर महादेव का नाद वातावरण की शुद्धि करता है। आपने युवाओं से मानसिकता बदलने और तीर्थो को गंदगी से बचाने की खास अपील की।
    प्रलय के बाद राम नाम ही बचेगा-बापू
             बापू ने सीता स्वयंवर की कथा प्रसंग को सुनाते हुवे कहा की सीता के विदाई के समय विदेह राज जनक भी रो पडे थे। कठोर से कठोर दिल वाला बाप भी बेटी की बिदाई के समय रो पडता है।जवान बेटे की मौत पर अपने आशुओ को अंदर ही रोक लेने वाला बाप भी बेटी को बिदा करने के समय रो पडता है। बापू खुद अपने आंशूओ को रोक नहीं पाये। उपस्थित सभी श्रोताओं के आंखों से भी आंशु छलक रहे थे। रूधे गले से बापू ने कहा की राम नाम से ही विश्व का कल्याण हुआ है। राम कथा हमें सत्य बोलने का साहस देती है। मानस मसान की कथा को आगे बढाते हुए आपने कहा की प्रलय के अंत में भी राम नाम ही बचेगा।
    बापू ने कहा की बेटी के जन्म पर खूब उत्सव मनाओ
             कन्या के रूप में सात बिभूतियां घर में आती है। कन्या जन्म से राष्ट्र में सम्पत्ति,विभूति और एश्वर्य बढता है। जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवताओं का वास होता है। कन्याओं का हमेशा सम्मान होना चाहिए, कन्या शक्ति विद्या श्रद्धा क्षमा का रूप है। उसका स्वागत करना चाहिए। परिवार में जब बेटी का जन्म हो बडा उत्सव समझे।
    काशी में बापू सामाजिक समरसता का दिया बडा संदेश
               काशी में बापू ने सामाजिक समरसता का बडा संदेश दिया। बापू ने मणिकर्णिका घाट के डोम राज के घर से गंगा जल से पका कर लाया गया भोजन ग्रहण किया। डोम राज के सभी परिजन ब्यास पीठ पर आये तथा बापू से आशिर्वाद प्राप्त किये।खूद बापू डोम राज के घर भी पहुंचे थे।
    मानस बदलेगा सास -बहू का नजरिया
           बापू ने बेटियो से कहा की वे रामायण अवश्य पढे सुने। हर सास को अपनी बहु में जानकी दिखने लगेगी तो बहु अपनी सास में कौशल्या देखेगी। सास और बहु के बीच प्रेम भरा इस तरह का रिश्ता होगा तो हमारे देश का भला हो जायेगा।


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