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    महीनों से चल रहा सफाई अभियान, फिर भी स्वच्छ नही हुआ शहर

    भिण्ड 15/नवंबर/2017 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >>  समग्र स्वच्छता अभियान के तहत शासन के कड़े निर्देशों के बाद भी शहर को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए पहल लंब समय गुजरने के बाद अधूरी दिखाई दे रही है। यहां दर्जनों वार्डों में पर्याप्त साफ-सफाई न होने से जल जमाव और गंदगी के ढेर दिखाई देते हैं। सैकड़ों सफाईकर्मी, दो दर्जन कचरा संग्रह वाहन होने के बाचजूद भी नगर पालिका की इस लापरवाही से सरकार के अभियान को पलीता लग रहा है।
               
    उल्लेखनीय है कि बीते एक साल से केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा स्वच्छता अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए थे। जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों से गंदगी साफ करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किए गए। जिनमें प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा समाजसेवी संगठन और आम जन द्वारा भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया गया। सफाई अभियान के दौरान शहर में साफ-सफाई कराने के साथ कचरा दान भी लगाए गए। व्यापक पैमाने पर नगर पालिका द्वारा प्रचार-प्रसार कर सफाई अभियान को लागू किया गया। बावजूद इसके अभी तक नगर के दर्जनों क्षेत्र अभी तक कचरे से अटे पड़े हैं। नपा सफाई अमले द्वारा यहां पर्याप्त सफाई न किए जाने और देखरेख के आभाव में गंदगी पसरी हुई है। शहर के नाले-नालियों में भी सफाई न होने से इनमें गंदगी का जमाव हो गया है, जिसे साफ करने के नाम पर नपा द्वारा लीपापोती की जा रही है।
    शो-पीश बने कचरा वाहन:
    गौरतलब है कि शहर में कचरे की सफाई हेतु शासन द्वारा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने की योजना आरंभ की। जिसके लिए नगर पालिका को कचरा संग्रह वाहन प्रदान किए गए। लेकिन भिण्ड में उक्त सभी कचरा संग्रह वाहन महज शो-पीस बने हुए हैं। नपा के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में दो दर्जन के करीब कचरा संग्रह वाहन चलाऐ जा रहे हैं, जो विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर कचरा संग्रह करते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर उक्त कचरा वाहनों के संचालन में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार कर शासन को चूना लगाया जा रहा है। जिसमें वाहन चालक, डीजल सहित मेंटिनेंस के नाम पर एक बड़ी राशि खर्च होना दर्शाया जा रहा है। लेकिन कचरे के उठाव के नाम पर खाना पूर्ती हो रही है।
    बदतर हालत में सरोवर:

    ज्ञात हो कि शहर के वायपास इलाके में मेला के पास बना हाथी गड्डा सरोवर पिछले कई सालों से गंदगी और कचरे का घर बन गया है। देखरेख के आभाव और नपा द्वारा यहां पर्याप्त सफाई न किए जाने से इसका पानी सूख गया और यहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है। खास बात यह है कि जिले के आला अधिकारी और सत्ताधीश नेताओं का यहां से आवागमन होने के बाद भी उनकी नजर इस ओर नही जाती है। हालात यह है कि हाथी गड्डा सरोवर पर्याप्त देखरेख न होने से जर्जर हो गया है, जिसमें गंदगी जमा हो गई है।
    नही होता कचरे का उठाव:
    सैकड़ों नियमित और मस्टर पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बाद भी नगर के वार्डों से कचरे की सफाई व उठाव नही हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की पर्याप्त मॉनीटरिंग न होना इस समस्या का मूल कारण है। शहर के भवानीपुरा, पुरानी बस्ती, बीटीआई, सरोज नगर, चतुर्वेदी नगर, घियाई मुहल्ला, जोशी नगर सहित दो दर्जन के करीब क्षेत्रों में सफाई अभियान के बाद भी कचरे के ढेर व जल भराव की समस्या आ रही है। जिसको लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी इसका हल नही हो रहा है।
    प्रचार के लिए हो रही सफाई:

    समग्र स्वच्छता अभियान के तहत कचरे और गंदगी की सफाई करते अधिकारी व समाजसेवियों की तस्वीर आए दिन सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में प्रकाशित होती है। जिसमें शहर को स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक पैमाने पर काम किए जाने का प्रचार होता है। लेकिन सरकार के इस अभियान का जमीनी स्तर पर लागू करने के बजाए यह स्वयं के प्रचार-प्रसार का अभियान बन गया है। 
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