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    नहरी पानी से सिंचाई के लिए वंचित हुए चंबल के किसानों को सरकार ने आत्महत्या के कगार पर खडा कियाः रामनिवास रावत

    श्योपुर 09/11/2017 (rubarudesk) @www.ubarunews.com >>  मप्र विधानसभा में मुख्य सचेतक एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रामनिवास रावत ने चंबल दाहिनी मुख्य नहर से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने पर इसे भाजपा सरकार की असफलता बताया है। रावत ने कहा कि श्योपुर सहित चंबल संभाग के अधिकांश हिस्सों में किसान रबी की खेती के लिए पानी के अभाव में पलेवा नहीं कर सके हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस बारे में राज्य सरकार कोई उचित कदम नहीं उठाती है तो किसानों के साथ व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
            विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक श्री रामनिवास रावत ने आज यहां जारी एक प्रेस बयान में कहा कि चंबल संभाग के श्योपुर सहित आधे से ज्यादा हिस्से में पूर्व से भी भयंकर सूखा पड चुका है। सूखा पडने पर किसान खरीफ की फसलों का उत्पादन नहीं कर सके हैं। ऐसे किसानों को सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। रबी की फसल के लिए जिन किसानों को चंबल दाहिनी मुख्य नहर से पानी दिया जाना चाहिए, उन्हें सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। श्योपुर जिले की सभी डिस्ट्रीब्यूटरी नहरें सिंचाई विभाग ने बंद कर रखी है। इसके अलावा मुरैना जिले में भी कुछ स्थानों पर नहरें बंद होने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खडा हो गया है। अधिकांश क्षेत्रों में तो किसान पानी के अभाव में फसल के लिए पलेवा तक नहीं कर सके हैं। 
             विधायक श्री रावत ने कहा कि भाजपा किसान हितैषी होने का दावा करती हैं, लेकिन चंबल संभाग में यह सरकार किसानों को आत्महत्या के मुहाने पर खडा कर चुकी है। राजस्थान, जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और वहां के कोटा बैराज से ही चंबल दाहिनी मुख्य नहर में पानी दिया जाता है। राजस्थान के साथ मप्र की सरकार का 3900 क्यूसेक पानी का करार है, लेकिन मप्र को उसके हिस्से में 2000 क्यूसेक से ज्यादा पानी नहीं मिल पा रहा है। राजस्थान की सरकार के साथ मप्र की भाजपा सरकार बातचीत करके अपने हिस्से का पानी नहीं ले पा रही है। सरकार की असफलता के कारण किसानों के सामने भूखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। मप्र में कम पानी मिलने का असर यह हो रहा है कि यहां की माइनरों नहरों को बंद करके रखा हुआ है। अगर कोई नहर चालू भी है तो उसमें टेल एंड तक पानी नहीं पहुंच रहा है। राज्य की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री सहित सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अफसरों को शीघ्र ही उच्च स्तरीय बातचीत कर मप्र को उसके हिस्से का पानी दिलाया जाकर किसानों को नहरों में सिंचाई के लिए भरपूर पानी दिया जाना चाहिए। मुख्य सचेतक श्री रावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही किसानों को पानी देने के लिए नहरों को नहीं खोला गया तो वे हजारों किसानों के साथ सडक पर उतरकर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
                 विधायक श्री रावत ने कहा कि 27 नवंबर से मप्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। चंबल नहर को लेकर उन्होंने विधानसभा में सरकार की असफलता को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया है। इस मामले को लेकर वे विधानसभा में सरकार की नाकामियों को रखेंगे और किसानों की आवाज बुलंद की जाएगी। उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि किसानों को सिंचाई के लिए नहर से पर्याप्त और भरपूर पानी मिले, ताकि किसान रबी की फसलों का उत्पादन कर सकें। 
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