• --New-- Click here to Watch News channel online.
  • जनप्रतिनिधियों के उन्मुखीकरण एवं सहभागिता विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन | Rubaru news
    Powered by Blogger.

    जनप्रतिनिधियों के उन्मुखीकरण एवं सहभागिता विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन


    दतिया 27/11/2017 (RamjisharanRai) @www.rubarunews.com >> दिनंाक 27.11.2017 दिन सोमवार को महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत जनप्रतिनिधियों के उन्मुखीकरण एवं सहभागिता विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला/प्रशिक्षण का आयोजन तान्या पैलेस दतिया में प्रारंभ किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में किशोर न्याय बोर्ड की मुख्य न्यायाधीश श्रीमती रेखा मरकाम उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमती उषा निरंजन ने की। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री अंकित सांडिल्य, एडवोकेट कल्पना वैश्य, श्रीमती कृष्णा कुशवाह बाल कल्याण समिति सदस्य उपस्थित रही।
               
    कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया तदोपरांत विभागीय अधिकारियों द्वारा उपस्थिति अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मंच का संचालन वन स्टाॅप केन्द्र प्रकाशक श्रीमती मिथलेश श्रीवास्तव के द्वारा किया गया। बाल सरंक्षण अधिकारी श्री धीरसिंह कुशवाह द्वारा तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा से उपस्थित प्रतिभागियों को अवगत कराया।
                   कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि एवं प्रशिक्षक की भूमिका में उपस्थित सुश्री अंकिता शांडिल्य जिला विधिक सहायक अधिकारी दतिया ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये कहा कि सामाजिक नेतृत्व एवं शासकीय समन्वय के बिना किसी भी सामजिक समस्या को समाप्त करना कठिन होता है। उन्होने कहा कि कानूनों का पालन करना सभी का दायित्व है। उन्होने उपस्थित सदस्यों को महिलाओं से संबंधित कानूनों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। साथ ही सुश्री शांडिल्य ने कहा कि महिलाओं को अपनी आवाज बुलंद करने का साहस करना होगा। तभी घरेलू हिंसा जैसी समाजिक समस्यों को समाप्त किया जा सकेगा। उन्होने कहा कि दिखावे की सामाजिक व्यवस्था के स्थान पर वास्तविक एवं पारदर्शी तथा भेदभाव रहित सामाजिक व्यवस्था का निर्माण करना होगा। समाज के हर व्यक्ति को अपनी पारंपरिक सोच को बदलने की जरूरत है।
               
    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित किशोर न्याय बोर्ड की मुख्य न्यायाधीश श्रीमती रेखा मरकाम ने भारतीय संविधान की मूल प्रस्तावना का वाचन किया जिसका उपस्थित प्रतिभागियों ने भी वाचन किया। श्रीमती मरकाम  ने बालकों से संबंधित वर्तमान परिदृश्य को वास्तविक माध्यम से स्पष्ट किया।
             इसी क्रम में बाल कल्याण समिति सदस्य श्री चन्द्र प्रकाश तिवारी ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये कहा कि समस्यों के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को सदैव चैकन्ना रहने की आवश्यकता है। आज महिलाओं को सशक्त होने की आवश्यकता है। उन्होने ‘‘हिन्द माता की तुम्ही संतान हो बेटियों तुम दो कुलों की शान हो‘‘ के साथ अपने वक्तव्य को विराम दिया। इसी क्रम में प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित बाल मित्र श्री रामजी शरण राय ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में जानकारी देते हुये कहा कि यह एक्ट 1994 में बनाया गया। जिसका मुख्य उददेश्य लिंग परीक्षण के अवैधानिक परीक्षण पर रोक लगाना है। उन्होने कहा कि इस एक्ट को प्रभावशाली बनाने के लिए हमे समाज के हर वर्ग के व्यक्ति को जागरूक करना होगा। कार्यक्रम में उपस्थित एडवोकेट श्रीमती कल्पना वैश्य ने कहा कि माता-पिता के द्वारा हर घर में अपने बच्चों को स्वस्थ्य संस्कार दिये जाने चाहिये। ताकि एक स्वस्थ्य सामाजिक व्यवस्था का निर्माण हो सके।

               
    कार्यक्रम के दौरान महिला जनप्रतिनिधि (सरपंच, पंच, जनपद सदस्य अन्य जनप्रतिनिधि) जिला महिला सशक्तिकरण विभाग के श्री धीरसिंह कुशवाह, संरक्षण अधिकारी श्री दिनेश लोहिया, परीवीक्षा अधिकारी श्री राजीव चैबे, श्री आकाश श्रीवास्तव, श्री यशदीप सिंह, श्री उत्तम शर्मा, श्री हेमन्त नामदेव, दीपेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे।
    Share on Google Plus

    About Rubaru News

    This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
      Blogger Comment
      Facebook Comment

    0 comments:

    Post a Comment