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    मौसमी बीमारियों की रोकथाम में संसाधनों की कमी नहीं, प्रभावी तरीके से कार्य करें - चिकित्सा मंत्री

    जयपुर, 02/नवम्बर/2017 (Rajsthandesk) @www.rubarunews.com >>  कोटा जिले में मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा बैठक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री कालीचरण सर्राफ की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी, जिले के विधायक, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव, निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महापौर, नगर विकास न्यास के अध्यक्ष, जिले के प्रधान सहित प्रशासनिक, नगर निगम एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  
            चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोटा में मौसमी बीमारियों के स्थाई समाधान हेतु चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम एवं स्थानीय प्रशासन के साथ प्रभावी गतिविधियां के साथ भविष्य की कार्ययोजना तैयार करें, ताकि बार-बार आने वाली समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने घर-घर सर्वे के साथ आमजन को जागरूक करने हेतु निरन्तर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये। कोटा संभाग में मौसमी बीमारियों से लगातार हो रही मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू के अलावा अन्य बीमारियों से हुई मौतों के कारणों का पता लगाकर भविष्य में  मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम के लिए अभी से कार्य योजना तैयार करें।  
          जनप्रतिनिधियों द्वारा शहर के प्रमुख तीनों अस्पतालों में संसाधन बढाये जाने एवं रिक्त पदों भरने के सुझाव पर उन्होंने बैठक में उपस्थित चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों को मौंके पर ही आंकलन कर अनेक स्वीकृतियां जारी करवाई तथा विस्तृत कार्य योजना तैयार कर जनप्रतिनिधियों के सुझाव को कार्य योजना में शामिल करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अधिकारी उपलब्ध बजट राशि का समय पर अधिकाधिक उपयोग करें तथा मेडिकल रिलीफ सोसायटी में उपलब्ध बजट को भी मेडिकल सुविधाओं के विस्तार में काम  में ले।  
          कृषि मंत्री श्री प्रभु लाल सैनी ने कहा कि चिकित्सा अधिकारी गंभीरता पूर्वक मौसमी बीमारियों के नियंत्रण हेतु सक्रियता से कार्य करें। प्रभावित क्षेत्रों में फोगिंग एवं एन्टीलार्वा गतिविधि के साथ साथ घर-घर दस्तक देकर पल्स पोलियों की भांति लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि डेंगू के अलावा अन्य बीमारियों से हुई मौत में किसी भी स्तर पर लापरवाही के कारणों की पडताल भी करें तथा मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए वर्षभर तक का प्लान तैयार करें।  
           लाडपुरा विधायक श्री भवानी सिंह राजावत ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु संसाधन बढाये जाने एवं अतिरिक्त टीम भेजने का सुझाव दिया। कोटा उत्तर विधायक श्री प्रहलाद गुंजल ने एमबीएस अस्पताल में 700 बैड स्वीकृत कर सुविधाओं में वृद्धि करने, एसडीपी के लिए अतिरिक्त मशीन उपलब्ध कराने तथा एमबीएस में अलग से ओपीडी ब्लॉक की योजना तैयार करने के सुझाव दिये। रामगंजमंडी विधायक श्रीमती चन्द्रकांता मेघवाल ने डेंगू की जांच के लिए दरे निर्धारित करने, ग्रामीण क्षेत्रों में फोगिंग एन्टीलार्वा गतिविधियां बढाने तथा रिक्त पदों को भरने का सुझाव दिया।  
         पीपल्दा विधायक श्री विद्याशंकर नंदवाना ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों के पद भरने के साथ मुख्यालय पर रात्रिकालीन ठहराव सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। सांगोद विधायक श्री हीरालाल नागर ने ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरने, संसाधनों की उपलब्धता बढाने का सुझाव दिया। कोटा दक्षिण विधायक श्री संदीप शर्मा ने न्यू मेडिकल कॉलेज में संसाधनों की उपलब्धता, मलेरिया उन्नमूलन यूनिट पुन चालू करवाने, रिक्त पदों पर नियुक्ति के साथ शहरी क्षेत्र में भविष्य में मौसमी बीमारियों की पुनावृति रोकने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने का सुझाव दिया। बैठक में महापौर महेश विजय, यूआईटी अध्यक्ष रामकुमार मेहता ने भी सुझाव दिये।  
          प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती वीनू गुप्ता, शासन सचिव आंनद कुमार ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु संसाधनों की कमी नहीं आने देने की बात कही। उन्होने चिकित्सा अधिकारियों को मेडिकल रिलीफ सोसायटी, भामाशाह योजना में उपलब्ध बजट से संसाधनों की उपलब्धता करवाने की बात कही। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम विक्रम जिन्दल, सचिव यूआईटी आनन्दीलाल वैष्णव, प्रधान खैराबाद भगवान सिंह धाकड़, लाडपुरा राजेन्द्र मेघवाल सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया।  
    ये लिये निर्णय
           बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने जिले के सभी चिकित्सकों की प्रतिनियुक्तियां समाप्त कर चिकित्सा अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त करते हुए मुख्यालय पर रात्रिकालीन ठहराव अनिवार्य किया। वर्तमान में 19 फोगिंग मशीन जिले में हैं, 8 निदेशालय स्तर पर भिजवाई गई हैं तथा यूआईटी द्वारा 5 फोगिंंग मशीन क्रय करने हेतु 40 लाख रूपये उपलब्ध कराये जायेंगे। एलाइजा की जांच हेतु मशीन की कमी को देखते हुए 3 नई मशीनें क्रय करने के निर्देश दिये गये हैं। जिले में अब तक हुई मौतों के कारणों की जांच हेतु सर्वप्रथम वायरस की जांच के लिए पुणे स्थित सेन्ट्रल लैब से सेम्पलों की जांच करवाई जायेगी जिससे वास्तविकता का पता चल सके। एमबीएस अस्पताल में 10 लैब टेक्निशियनों के रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जायेगी। जिले में 17 चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश जारी किये गये हैं जिनमें से अब तक 7 ने ज्वाईन कर लिया है, शेष को शीघ्र ज्वाईनिंग देने के लिए पाबंद किया जायेगा। कोटा नवीन चिकित्सालय में कॉर्डियोलॉजिस्ट एवं कॉर्डियो सर्जन की नियुक्ति कर दी गई है जिन्होंने ज्वाईनिंग भी दे दी है। मेडिकल कॉलेज में 50 एवं एमबीएस अस्पताल में 30 अतिरिक्त बैड वर्तमान में व्यवस्था हेतु लगाये गये हैं। इनके लिए संसाधन उपलब्ध कराये जायेंगे।  
    बोरखेडा पीएचसी का शिलान्यास 
          चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने गुरूवार को ही कोटा जिले के बोरखेडा स्थित शहरी पीएचसी के भवन का शिलान्यास किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा उत्तर विधायक श्री प्रहलाद गुजंल ने की। इस अवसर पर यूआईटी अध्यक्ष रामकुमार मेहता सहित स्थानीय पार्षदगण भी उपस्थित रहे। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं के विस्तार एवं संसाधनों में कमी नहीं आने दी जायेगी। एमबीएस में बैड की संख्या में शीघ्र इजाफा किया जायेगा।    
    बैठक के  बहिष्कार की बात कह बाहर निकले राजावत ,जबकि मंत्री का दावा कि, घर पर जरुरी काम की बात कह कर मीटिंग से निकले है विधायक..... 

           विधायक भवानी सिंह राजावत ने चिकित्सा मंत्री के सामने फीडबैक बैठक मे अपनी पीडा रखते हूए कहा कि कोटा के मेडिकल अधिकारियों ने हमारा सत्यानाश कर दिया है। ये सब अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे है। पहले हमारी रिपोर्ट लो, उसके बाद अधिकारियो से फीडबैक लेना। ये तो आपको दे चुके है। 3 मौतों का फीडबैक वो आपने विधानसभा के पटल पर पड़ दिया है। डेंगू हाडौतीभर मे महामारी का रूप ले चुका है, कोटा मे हालात काफी खराब है। अब तक हाडौतीभर मे 165 ओर कोटा में मौसमी बीमारियों से 100 मौतें हो चुकी है। फिर आपको कोटा का चिकित्सा एंव स्वास्थ्य महकमा कौनसी रिपोर्ट दे रहा है। अपनी बात रख कर राजावत बैठक छोड़कर निकल गये, उसके बाद विधायक प्रहलाद गुंजल ने मंत्री से कहा कि ये आपको गलत रिपोर्ट भेज रहे है। आपका विभाग नकारा साबित हो चुका है। आपकी टीम ठोस कार्रवाई नहीँ कर रही आपकी पूरी टीम फैल है। इतनी मौतों के बाद भी विकराल रूप ले लिया डेंगू ने, उसके बाद भी अफसर झूठ बोल रहे है।
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