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    लोक सांस्कृति के रंगों के बीच तीन दिवसीय बूंदी उत्सव का भव्य शुभारंभ-शोभायात्रा में झलकी विरासत की झांकी

    बूंदी, 6/नवंबर/2017 (krishnaKantRathore) @www.rubarunews.com >>  सांस्कृतिक रंगों के समागम के बीच हाड़ौती के पर्यटन पर्व तीन दिवसीय बूंदी उत्सव का शुभारंभ सोमवार सुबह मंगल वाद्य, ढोल नंगाढों एवं झांझो की ध्वनियों तथा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गढ़ गणेश की विधिवत पूजा अर्चना से हुआ। मंगल वाद्यों की धुनों व वैदिक मंत्रोच्चार से जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने गढ़ गणेश की पूजा अर्चना की। इसके बाद ध्वजारोहण कर उत्सव का श्रीगणेश किया गया। तत्पश्चात गढ़  की पड़स से मधुर स्वर लहरियों के बीच भव्य शोभायात्रा शुरू हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुलिस परेड ग्राउण्ड पर जाकर सम्पन्न हुई। शोभायात्रा के बाद पुलिस परेड ग्राउण्ड पर आयोजित परंपरागत स्पर्धाओं ने पूरे वातावरण को उत्सवी रंग में रंग दिया। पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में विदेशी सैलानियों के साथ-साथ नगरवासियों ने भी पूरे उत्साह के साथ चढ़ कर अपनी सहभागिता निभाई। 
    शोभायात्रा में उमड़ा जन सैलाब 
    बूंदी के प्रथम नागरिक नगर परिषद सभापति महावीर मोदी, विभिन्न समाजों के धर्मगुरू, विदेशी पावणे एवं गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं आमजन के बीच जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार एवं पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू की अगुवाई में जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारीगण, विद्यार्थी, स्काउट गाइड, आंगनबाडी कार्यकर्ता सभी शोभायात्रा में भागीदार बने। जैसे जैसे शोभायात्रा शहर की गलियों में आगे बढती रही, बूंदीवासी इसे निहारने और इसके स्वागत के लिए तत्पर हो उठे। घरों, दुकानों के बाहर, छतों, मुण्डेरों, झरोखों से लोगों ने विरासत की इस झांकी को निहारा। शोभायात्रा में शामिल हाथी, सजे धजे ऊंट, घोड़े, ऊंट गाडिय़ा, बैण्ड दल, खुली जीपे, मंगल कलशधारी बालिकाएं, परपंरागत वेशभूषा में महिलाएं, विदेशी सैलानी तथा झांकियां शामिल थी। शोभायात्रा में आजाद बैण्ड, बोहरा समाज का बैण्ड व अन्य बैण्ड स्वर लहरियां बिखेरते हुए चल रहे थे। वहीं लोक गीतों व नृत्यों की प्रस्तुतियां देते कलाकार अपनी प्रस्तुतियां से दर्शकों को आकर्षित कर रहे थे। इसके अलावा विभिन्न समाजों के प्रमुख धर्माचार्य परपंरागत वेशभूषा में शामिल थे। शोभायात्रा में महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण, हाडी रानी की झांकी तथा विभिन्न विभागों द्वारा तैयार झांकियां भी आमजन में सदंशे प्रसारित कर रही थी। इनमें स्वच्छ भारत मिशन, अन्नूर्णा भण्डार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महिल एवं बाल विकास की झांकियां भी शामिल थी।
    पुष्पवर्षा,आतिशबाजी, ताम्बूल से स्वागत 
    शोभायात्रा का शहर में जगह-जगह स्वागत किया गया। विभिन्न समाजों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, जिला कलक्टे्रट के कर्मचारियों, रेडक्रास सोसायटी एवं अग्रिम संगठनों ने स्वागत किया। किसी ने पुष्प वर्षा की तो किसी ने लौंग, इलायची, ताम्बूल से सत्कार किया।
    खूब भायी मटका दौड़, सिर पर सजा साफा 
    पुलिस परेड ग्राउण्ड पर विदेशी पावणों ने पूरे उत्साह से बूंदी उत्सव के पहले दिन सभी कार्यक्रमों में शिरकत की। सुबह शोभायात्रा से लेकर परम्परागत खेलों तक उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। स्पर्धाओं में स्थानीय निवासियों के साथ ही विदेशी सैलानियों में उत्साह और जोश देखने को मिला। पुलिस परेड ग्राउण्ड पर ऊंट दौड़, घोडा दौड़, पणिहारी दौड, मूंछ प्रतियोगिता,साफा बांधो प्रतियोगिता, रस्सा-कसी स्पर्धा का आयोजन किया गया। इसके बाद राजस्थानी वेशभूषा तथा सेना, आरएसी व पुलिस बैण्ड वादन दलों ने सिन्फोनिऐटा की शानदार प्रस्तुतियां दी।
    ये रहे विजेता 
    बूंदी उत्सव के तहत आयोजित विविध प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कार दिए गए। साफा बांधो प्रतियोगिता में इटली की लॉरा ने प्रथम, द्वितीय इग्लेण्ड के जोसेफ व जर्मनी की एक्की तीसरे स्थान पर रही। विदेशी सैलानियों की पणिहारी दौड़ में इग्लेण्ड की शाटलर प्रथम, इग्लेण्ड की ही एगी द्वितीय व जर्मनी की सेबिन तीसरे स्थान पर रही। मूंछ प्रतियोगिता में बूंदी के धन्नालाल प्रथम, नंदकिशोर द्वितीय व जगदीश प्रसाद तृतीय स्थान पर रहे। इस प्रतिस्पर्धा में इग्लेण्ड के जोसेफ और ऑस्टे्रलिया के लेकिनन ने भी हिस्सा लिया। स्थानीय साफा बांधों प्रतियोगिता में भवंरलाल सैनी प्रथम, कुलदीप सिंह कानावत द्वितीय व श्योजी ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह ऊंट दौड़ प्रतियोगिता में मोहनपुरा के कैलाश प्रथम, कन्हैया द्वितीय एवं गोकुल तीसरे स्थान पर रहे। घुड दौड़ में बूंदी के आकश ने प्रथम, लेखराज ने द्वितीय और रामदयाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्थानी निवासियों की पणिहारी दौड़ में नीतू गोचर प्रथम, सोनिया बैरवा द्वितीय तथा रिकेंश सुमन तीसरे स्थान पर रही।
    कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू, अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश कुमार मालव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ममता तिवाड़ी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जुगल किशोर मीणा, उपखण्ड अधिकारी दिवांश्ुा शर्मा, बलभद्र सिंह हाडा, इंटेक संयोजक विजयराज सिंह हाडा, एडवोकेट राजकुमार दाधीच, पुरूषोत्तमलाल पारीक, युद्धराज सोनी, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, स्काउट गाइड, स्कूली छात्र-छात्राएं सहित बडी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
    चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ 
    बूंदी उत्सव के कार्यक्रमों की श्रृखंला में हॉयर सैकेण्डरी स्कूल परिसर स्थित आर्ट गैलेरी में चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।  प्रदर्शनी का शुभारंभ अतिरिक्त जिला कलक्टर  नरेश कुमार मालव एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ममता तिवाड़ी ने दीप प्रज्ज्वलन से किया। प्रदर्शनी में प्रदर्शित बूंदी चित्र शैली, मॉर्डन आर्ट एवं रंगोली की अतिथियों ने सराहना की। इस दौरान उन्होंने चित्रकारों का हौसला भी बढाया। इस अवसर पर बूंदी ब्रश संस्था संरक्षक नंदप्रकाश शर्मा 'नंजीÓ, डॉ. युवराज सिंह, बूंदी ब्रश अध्यक्ष सुनली जांगिड़, विजय सिंह सोलंकी, रेहाना चिश्ती, हेमराज मालव,  रचना पंचोली, युक्ति शर्मा आदि मौजूद रहे। प्रदर्शनी में 26 चित्रकारों की तीन-तीन कलाकृतियां प्रदर्शित की गई है।
    उद्योग मेला, शिल्पग्राम और अमृता हाट का शुभारंभ आज 
    सांसद बहेडिया होंगे मुख्य अतिथि 
            बूंदी उत्सव के कार्यक्रमों की श्रृखंला में सीनियर सैकेण्डरी स्कूल परिसर में बूंदी उद्योग मेला, शिल्पग्राम एवं अमृता हाट का का शुभारंभ 7 नवंबर को शाम 4 बजे भीलवाड़ा सांसद सुभाष बहेडिय़ा करेंगे। उद्योग मेला 15 नवंबर तक चलेगा। उद्योग मेले में सहरानपुर का फर्नीचर, टोंक के नमदे, उदयपुर के लकड़ी के आइटम, खादी उत्पाद प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।
    जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक चन्द्रमोहन गुप्ता ने बताया कि उद्योग मेले में विभिन्न राज्यों व जिलों की करीब 150 स्टॉले लगाई गई हैं। इनमें उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होगा।
    सजेगा शिल्पग्राम 
    बूंदी के हायर सैकेण्डरी स्कूल प्रांगण में ही शिल्पग्राम सजाया गया है।  शिल्पग्राम में देशी एवं विदेशी सैलानियों को ठेठ ग्रामीण परिवेश की झलक देखने को मिलेगी। यहां चूल्हा, चक्का, मांडने, लोक कलाएं इत्यादि आकर्षण का केन्द्र होंगी।
    प्रदर्शित होंगे महिला समूहों के उत्पाद 
    उद्योग मेला परिसर में ही 8 से 15 नवंबर तक अमृता हाट का आयोजन किया गया है। अमृता हाट में महिला समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प सहित अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
    सुर संगम के बीच होगी पावणों की मान मनुहार 
             बूंदी उत्सव के तहत 7 नवंबर को सुखमहल में दोपहर 12 बजे से सुरसंगम एवं पावणों के लिए मान मनुहार कार्यक्रम आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में परम्परागत व्यंजन, पकवान आदि वहीं बनाएं जाएंगे, जिन्हें बनाने की प्रक्रिया भी विदेशी मेहमान सीख सकेंगे। सुर संगम में लोक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियां होगी, वहीं मान मनुहार कार्यक्रम में पावणों की देशी पकवान से मान मनुहार की जाएगी।
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