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    बगैर डायवर्सन-टीसी प्लान के बन गई कॉलोनी, जांच हुई तो शासन ने लगाया जुर्माना

    भिण्ड 20/नवंबर/2017 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >> शहर के आसपास कृषि भूमि पर बगैर डायवर्सन व टाऊन एण्ड कंट्री प्लान के भू-माफिया द्वारा इसे भवन निर्माण के लिए बिक्री कर दिया गया। पिछले दो दशक से जारी इस अवैध कारोबार की जांच के बाद प्रशासन द्वारा दो दर्जन भू-माफिया के खिलाफ जुर्माना लगाते हुए उन्हें नोटिस जारी किए हैं। जिसमें इन सभी पर 2 करोड 33 लाख का अर्थदण्ड लगाया गया है।
                ज्ञात हो कि शहर में सक्रिय भू-माफिया द्वारा पटवारी व राजस्व अधिकारियों की मिली भगत कर कृषि भूमि पर कॉलोनी की बसाहट कर दी। जिसमें आम जनता को ठगते हुए संगठित रुप से प्लॉट काट कर करोड़ों रुपए की काली कमाई की गई। स्थिती यह रही कि कृषि भूमि का बगैर डायवर्सन और टीसी प्लान की मंजूरी के यहां प्लॉट काट दिए, जहां उपभोक्ताओं द्वारा भवन बना लिए गए। शासन की स्वीकृति के बगैर बनाई गई इन कॉलोनी में सुविधाओं का विस्तार न होने से आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पिछले दो दशक में सडक़, बिजली, पानी व जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के बगैर कॉलोनियों की बसाहट होने जहां स्थानीय नागरिक जूझ रहा है वहीं शासन का करोड़ों रुपए के  टैक्स चोरी की गई। इस मामले में शिकायतों के बाद वर्ष 2011 में मामला उजागर होने पर इन अवैध कॉलोनियों के संबंध में जांच की गई तो प्रशासन की आंख खुली। जिसमें जांच करने पर खुलासा हुआ कि शहर के आसपास 24 कॉलोनाईजर्स द्वारा अवैध तरीके से कॉलोनी काट दी। जिस पर तत्कालीन एसडीएम नरोत्तम भार्गव ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की, जिस पर हाल ही में प्रशासन ने इन सभी पर 2 करोड़ 33 लाख 53 हजार 415 रुपए का जुर्माना लगाया।
    कारेाबार में लिप्त रहे रसूखदार:
    नगर के आसपास कृषि भूमि पर प्लॉट काट कर अवैध कॉलोनी बनाने के इस काले कारोबार में जिले के कई रसूखदार लिप्त रहे। जिन्होने अपने रसूख का प्रयोग करते हुए राजस्व अधिकारियों की मिली भगत से कर इसे अवैध धंधे को अंजाम दिया। राजस्व विभाग द्वारा जारी सूची में अवैध कॉलोनाईजर्स की सूची में पूर्व मंत्री राकेश चौधरी के भाई विकास चतुर्वेदीवीरेन्द्र पुत्र यदुनाथ सिंह, मुकेश पुत्र परमाल सिंह, सीताराम उर्फ रामकिशोर पुत्र गुरुदयाल भारद्वाज सहित अन्य कई नाम शामिल हैं। जिन्होने विक्रमपुरा, मानपुरा, साहपुरा, दीनपुरा, भिण्ड, रतनूपुरा, पुर, मंगतपुरा, डिड़ी व कीरतपुरा मौजा में कृषि भूमि पर कॉलोनी बसाहट के लिए अवैध रुप से प्लॉट आवंटित कर दिए।
    पटवारियों की मिली भगत:
    उल्लेखनीय है कि कृषि भूमि पर किए गए इस अवैध कारोबार की भनक प्रशासन को समय रहते नही लगी। जबकि उक्त सभी सर्वे नंबर के पटवारियों का इस गोरखधंधे में सीधे तौर पर दखल रहा। जिनकी मिली भगत से ही इतने बड़े स्तर पर इस कारोबार को अंजाम दिया गया। प्रशासन द्वारा इस मामले में जुर्माना वसूलने की कार्रवाई के साथ संबंधित मौजा के तत्कालीन पटवारी की संलिप्तता की जांच न किया जाना भी संदेह के दायरे में है।

    - कृषि भूमि पर बगैर शासन के प्लान के प्लॉट आवंटित किए जाने के मामले में जांच के उपरांत दोषी पाए गए 2 दर्जन कॉलोनाईजर्स पर कार्रवाई की गई है। इन सभी से शासन के नियमानुसार जुर्माना लगाया गया है।

    संतोष तिवारी, एसडीएम भिण्ड 
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