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    बंदूकों के साए में डेरा डाल कर रेत उत्खनन, थाना पुलिस अनजान!

    भिण्ड 29/नवंबर/2017 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >>  अवैध रेत उत्खनन पर पुलिस और प्रशासन के प्रतिबंध के दावों के बीच सक्रिय रेत माफिया खुलेआम अघोषित खदानों पर बकायदा टेंट लगा कर रेत निकाल रहा है। पुलिस थाने से महज 6 किलो मीटर दूर हो रहे इस कारोबार की भनक पुलिस और प्रशासन को न बेहद अजीब है। इधर खननकर्ता दिन में ही मशीनों से जमीन को खोखला कर डंप लगा रहे हैं।
               
    रेत के काले कारोबार को लेकर बदनाम हो चुके जिले में शासन-प्रशासन द्वारा प्रतिबंध के लाख दावों के बाद भी यह अवैध उत्खनन बंद होने का नाम नही ले रहा है। रेत उत्खनन को लेकर सरकार द्वारा बनाई गई नीतियां और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दावे महज कागजी घोड़े साबित होकर रह गए है। खनिज निगम द्वारा रौन की डुबका खदान में रेत उत्खनन की परमीशन दी गई है, लेकिन क्षेत्र में हावी हो चुका माफिया अस्वीकृत खदानों से रेत निकालने में जुटा है। ज्ञात हो कि डुबका रेत खदान से लगी खुर्द बरेठी खदान पर इन दिनों धड़ल्ले से रेत निकाला जा रहा है। अमायन थाना से महज 6 किलो मीटर दूर सुनसान बीहड़ी इलाके में बेखौफ रेत माफिया खुलेआम दिन में ही नदी के आसपास के खेतों (तीर) से निकाल कर डंंप हो रहे रेत पर स्थानीय पुलिस थाने और प्रशासनिक अधिकारियों को नजर नही जा रही है। हाल ही में उक्त रेत खदान के निरीक्षण में स्पष्ट हुआ कि किस प्रकार से इस पूरे कारोबार को खौफ के साए में संचालित किया जा रहा है। खुर्द बरेठी रेत खदान के आसपास आधा सैकड़ा की संख्या में बंदूकधारी तैनात होकर यहां आने जाने वालों की निगरानी करते दिखे। जो किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने पर सतर्क होकर उसे रोक कर पूछताछ करते हैं।
    प्रतिबंध के बाद भी मशीन चालू:
    रेत उत्खनन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा नई रेत नीति का निर्धारण करते हुए नदियों व आसपास के क्षेत्र में मशीनों के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन सरकार की नीति और यह फरमान सफेद हाथी बने दिखाई दे रहे है। अमायन के खुर्द बरेठी क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिल कर रेत कारोबारी धड़ल्ले से मशीनों का प्रयोग करते दिख रहे हैं। यहां दिन में ही बड़ी-बड़ी मशीनें नदियों के किनारे लगे खेतों में बड़े-बड़े खड्डे खोद कर रेत स्टॉक किया जा रहा है।
    ग्रामीणों की मिली भगत:
    गौरतलब है कि नदी के बीहड़ी इलाकों में हो रहे इस अवैध रेत उत्खनन में स्थानीय ग्रामीणों की भी मिली भगत है। जो रेत माफिया के साथ जुडक़र इस पूरे अवैध कारोबार को संचालित करने में जुटे हैं। कई बार इस कालेकारोबार में जुड़े स्थानीय दंबंग ग्रामीणों के खौफ के चलते खनिज विभाग के कर्मचारी व लोकर प्रशासनिक अधिकारी यहां जाने से डरते हैं, जिसका फायदा उठाते हुए यह पूरा काला कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है।
    लगातार गिर रहा जल स्तर:
    रेत के इस अवैध कारोबार से जहां शासन को लाखों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है, वहीं दूसरी ओर यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। रौन-अमायन क्षेत्र में हो रहे इस अवैध उत्खनन से नदियों के आसपास क्षेत्र में बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं। जिससे एक ओर जहां नदियों व जलीय जीवों के अस्तित्व पर संकट आ गया है वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को पहुंच रही इस क्षति के कारण आसपास के क्षेत्र में जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। आने वाले समय में पेयजल उपलब्ध न होने का विकराल संकट उत्पन्न होगा।
    सीधी बात:
    आरपी भदकारिया, जिला खनिज अधिकारी भिण्ड
    सवाल:- क्या अमायन में खुर्द बरेठी क्षेत्र में कोई रेत खदान की विभाग द्वारा स्वीकृती दी गई है?
    जबाव:- जिला खनिज विभाग से इस नाम से किसी भी खदान के संचालन की अनुमती नही दी गई है।
    सवाल:- यहां खुलेआम रेत का उत्खनन कर रेत का स्टॉक किया जा रहा है।
    जबाव: पूर्व में विभाग को मिला पुलिस फोर्स हटा लिया गया, इस कारण से कुछ समय से कार्रवाई नही हो पा रही है। इसके लिए जल्द ही लिखित मांग करते हुए अमायन क्षेत्र में कार्रवाई करेंगे।
    सवाल:- नई रेत उत्खनन नीति के तहत खदानों पर मशीनों के प्रयोग पर प्रतिबंध है, लेकिन यहां इसका उल्लंघन हो रहा है।

    जबाव:- यदि रेत उत्खनन अवैध और नियम विपरीत हो रहा है तो प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर पुलिस फोर्स की उपलब्धता के साथ ही छापामार कार्रवाई की जाऐगी।
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