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    शव जलाने नही मिली दो गज जमीन, तो घर के बाहर किया पिता का संस्कार

    भिण्ड/ गोहद 25/दिसंबर/2017 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >> पिता की मौत के बाद उनके आखिरी संस्कार के लिए जब दो गज जमीन भी मुहैया नही हुई तो बेटों ने मजबूरन अपने घर के बाहर पिता का अंतिम संस्कार किया। इंसानियत को शर्मशार करने वाला यह मामला जिले के गोहद क्षेत्र में चंदोखर गांव में सामने आया, जिसकी जानकारी होने पर दूसरे दिन पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। जहां शमशान की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।
          गोहद के ग्राम चंदोखर के मजरा लोहरी का पुरा निवासी दलित कप्तान बाल्मीकि 60 वर्ष की लंबी बीमारी के चलते शनिवार के रोज मौत हो गई। जिसके बाद रविवार को मृतक के बेटा लालसिंह उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के पास स्थित शमशान भूमि पर ले गए। यहां जब दलित परिवार अपने पिता के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था तभी गांव के दबंग लोग मौके पर पहुंच गए, जिनके द्वारा उक्त भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही थी। दबंगों ने दलित परिवार को अंतिम संस्कार करने से रोकते हुए वहां से भगा दिया। रसूख और मारपीट की धमकी से पीडि़त परिवार पिता की अंतिम यात्रा की तैयारियों को अधूरा छोड़ उनके शव को लेकर वापस घर लौट आया। पीडि़त लालसिंह बाल्मीकि ने बताया कि जब वह गांव के पास स्थित शासकीय शमशान भूमि पर अपने पिता का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहा था, तभी गांव निवासी लोकेंद्र उर्फ छेना तोमर, गंगा सिंह तोमर, मुनिया उर्फ अनिल तोमर ने आकर धमकाते हुए ऐसा करने से मना कर भगा दिया। घटना के दूसरे रोज मामले की जानकारी होने पर पुलिस और प्रशासन ने मौका मुआयना किया और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लोकेन्द्र और मुनिया तोमर को गिरफ्तार किया।
    घर के सामने किया संस्कार:
          उल्लेखनीय है कि दलित परिवार के साथ इस प्रकार की अमानवीय घटना के बाद वह मजबूर होकर पिता के शव को वापस घर ले आए। जिसके बाद परिजनों व समाज के लोगों से चर्चा कर बाल्मीकि परिवार ने मृतक के शव का घर के बाहर ही अंतिम संस्कार किया। ज्ञात हो कि इंसानियत को शर्मशार करने वाली इस घटना को अंजाम देने वाले दंबंगों द्वारा गांव से लगी शमशान भूमि पर कब्जा कर वहां खेती की जा रही है। जिसके चलते यहां अंतिम संस्कार करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
    नींद से जागा प्रशासन, पहुंचा गांव:
          अंतिम संस्कार के लिए भी परेशान होने वाले दलित परिवार के साथ हुई शर्मनाक घटना की जानकारी होने पर 21वीं सदी में समानता के सिंद्धांतों का दावा करने वाले प्रशासन की नींद खुली। जिसके बाद सोमवार को पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। यहां उन्होने राजस्व कर्मचारियों द्वारा शमशान भूमि की नापजोख कर कब्जा युक्त जमीन को मुक्त कराया। जिसके बाद मामले की जांच करने के बाद एण्डोरी थाने में प्रशासन द्वारा आरोपी दबंगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
    इनका कहना है:
           - पिता की मौत के बाद रिस्तेदारों के साथ शमशान में उनका अंतिम संस्कार करने गया था। लेकिन दबंगों द्वारा वहां कब्जा किए जाने से ऐसा करने से रोका और भगा दिया। इसके बाद मजबूरी में घर के बाहर ही उनके शव का दाह संस्कार किया।
    लालसिंह बाल्मीकि, पीडि़त दलित

            -दलित परिवार को अंतिम संस्कार से रोकने के मामले में सूचना होने पर तुरंत मौका मुआयना कर नापजोख कराया। जिसके बाद शमशान भूमि पर कब्जा कर तैयार की गई फसल को नष्ट किया गया। इस मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
    डॉ मोहम्मद युनुस कुर्रेशी, एसडीएम गोहद
             -कप्तान सिंह के दाह संस्कार का मामला मालूम चलते ही मौके पर पहुंचकर जानकारी ली दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है
    प्रवीण अष्ठाना, एसडीओपी गोहद
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