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    हाईवे के बजाए शहर से गुजर रहे हैवी लोडेड वाहन, कैसे लगे हादसों पर रोक

    भिण्ड 9/दिसंबर/2017(rubarudesk) @www.rubarunews.com >>  शाम ढलने के बाद शहर के भीतरी हिस्से से तेज रफ्तार में गुजरते भारी लोडेड वाहन राहगीरों के लिए हादसों का कारण बन रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद बायपास रोड़ से होकर गुजरने वाले यह भारी वाहन बगैर रोकटोक के गुजर रहे हैं। नगर के बस स्टेण्ड के पास बनाया जा रहा बैरियर महीनों गुजरने के बाद भी अधूरा पड़ा होने के कारण समस्या का स्थाई समाधान नही निकल रहा है।
                ज्ञात हो कि सुभाष चौराहे से इंदिरा गांधी चौराहा तक कुल 5 किलोमीटर के बायपास क्षेत्र का चक्कर बचाने के लिए भारी वाहन चालक शहर के बीचों बीच से ट्रक-डंफर सहित अन्य वाहन लेकर निकलते हैं। शहर में इन वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए कोई स्थाई इंतजाम न होने के कारण तेज रफ्तार से निकलती यह गाडिय़ां राहगीरों के लिए हादसों का सबब बनी हुई हैं। ओवर लोडेड व तेज रफ्तार से चलने वाले इन वाहनों की चपेट में आने से शहरवासी व वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर लंबे अरसे से नगरवासी जिला प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों के साथ चर्चा कर इसके समाधान की मांग कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी स्थिती जस की तस बनी हुई है। त्यौहार व साहलग के समय इन वाहनों के शहर से गुजरने पर कई बार गंभीर घटनाऐं हो जाती हैं, जिसके बाद नींद से जागे प्रशासन व पुलिस द्वारा सख्ती बरतते हुए शहर में वाहनों के घुसने पर रोक लगा दी जाती है। उल्लेखनीय है कि बीते 4 दिसंबर देर रात 10.30 बजे के करीब एक तेज रफ्तार सवारी वाहन ने परेड चौराहे के पास एक स्कूटी सवार सहित आधा दर्जन चार पहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। अचानक हुए इस हादसे में कुछ राहगीरों को चोटें भी आई, लेकिन गंभीर हादसा होने से बच गया।
    महीनों गुजरे नही बना बैरियर:

              गौरतलब है कि शहर से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने का स्थाई समाधान करते हुए 4 माह पहले जिला प्रशासन द्वारा नपा प्रबंधन को कीर्ति स्तंभ मंदिर व प्रायवेट बस स्टेण्ड के सामने एक स्थाई बैरियर निर्माण के निर्देश दिए थे। जिसके बाद नपा द्वारा यहां बैरियर के लिए टेण्डर जारी उसके निर्माण की अनुमति प्रदान की। लेकिन 4 महीने गुजरने के बाद भी अभी तक बैरियर पूरी तरह से निर्मित नही हो सका है। विवादों के चलते अधर में लटके बैरियर निर्माण कार्य के चलते भारी वाहनों को शहर से गुजरना जारी है। ज्ञात हो कि पूर्व में नपा द्वारा यहंा चार बार लोहे के बैरियर लगाए गए थे, लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा उसे तोड़ दिया गया।
    कोतवाली के सामने निकास:
              खास बात यह है कि भारी वाहनों के शहर से होकर गुजरने पर रोक लगे होने के बाद भी वह पुलिस कोतवाली के सामने से बड़ी आसानी से निकल रहे हैं। पुलिसकर्मियों के रात्रि गस्त और पेट्रोलिंग के बाद भी शहर के अंदरुनी हिस्सों से गुजरने वाले वाहन कई बार गंभीर हादसों को अंजाम दे जाते है। इसके बावजूद भी पुलिस का इन पर प्रतिबंध न लगाया जाना बेहद अजीब लगता है।
    खींचतान में फंसा मामला:
          शहर में भारी वाहनों द्वारा हादसे घटित होने के बाद शहरवासियों द्वारा बार बार इनके प्रवेश को बंद कराने की मांग उठती है, जिसके पुलिस व प्रशासन एक दूसरे पर आरोप लगा कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते है। पुलिस जहां स्थाई बैरियर निर्माण के लिए नपा को जिम्मेदार ठहराती है वहीं नपा प्रबंधन बैरियर निर्माण के बाद इसे तोड़े जाने की घटनाओं को पुलिस की लापरवाही का नतीजा बताता है।
    इनका कहना है:
    - बस स्टेण्ड के पास बैरियर निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों की खींचतान के चलते मामला उलझ गया है। इसका जल्द ही स्थाई हल निकाल निर्माण कार्य पूरा कराया जाऐगा।
    जेएन पारा, सीएमओ नपा भिण्ड

    - स्थाई बैरियर के बगैर भारी वाहनों के प्रवेश को रोकना मुश्किल है। इसके अलावा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कोतवाली के सामने एक बैरियर बनाया जा सकता है, जिसकी सुरक्षा पुलिस द्वारा संभव है।

    बीएस तोमर, सीएसपी भिण्ड 
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