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    इतिहास और आस्था के केन्द्रों के विकास के लिए धन की कमी नहीं - मुख्यमंत्री

    जयपुर/बांसवाड़ा, 3/दिसम्बर/2017 (Rajsthandesk) @www.rubarunews.com >>  मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के ऎतिहासिक स्थलों और जन आस्था के केन्द्रों पर सुविधाएं विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आमजन को अपने इतिहास, संस्कृति और परम्पराओं से रू-ब-रू रखने में धन की कमी आड़े नहीं आएगी। 
              श्रीमती राजे रविवार को बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में जनजाति स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ’राजस्थान का जलियावालां बाग’ के नाम से प्रसिद्ध मानगढ़ धाम पर बनने वाले राष्ट्रीय संग्रहालय, इस स्थल तक सुगम यातायात के लिए सड़क निर्माण एवं अन्य सुविधाओं के विकास के लिए 22.40 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। 
               मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऎतिहासिक धरोहर और संस्कृति के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा 551 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न जिलों में 125 मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तीस पेनोरोमा के निर्माण का कार्य भी जारी हैं। इसी कड़ी में गोविंद गुरू की कर्मस्थली मानगढ़ धाम में राष्ट्रीय संग्रहालय की आधारशिला रखी गई है।
    गोविंद गुरू पूरे देश के लिए प्रेरणा पुंज
               श्रीमती राजे ने कहा कि गोविंद गुरू सिर्फ तीन प्रदेश ही नहीं, अपितु पूरे देश की आस्थाओं के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि गोविंद गुरू ने संप सभा के माध्यम से जनजाति क्षेत्रों में सामाजिक कुरीतियों को दूर कर लोगों के जीवन को बदलने का कार्य किया। मानगढ़ में संग्रहालय बनाने का उद्देश्य है कि ऎसी महान आत्मा से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिले।
    मानगढ़ धाम में पानी पहुंचाने के निर्देश
               मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि माही-कड़ाना बेकवॉटर के उचित उपयोग के लिए योजना शुरू की गई है, जिस पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने जलदाय विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों को इस धाम तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। साथ ही, उन्होंने मुख्य वन संरक्षक से कहा कि विभाग इस पहाड़ी क्षेत्र में आगामी मानसून तक हर हाल में लहलहाता हुआ वन विकसित करे।
    अप्रैल 2018 से ऑन डिमांड कृषि कनेक्शन
              श्रीमती राजे ने बांसवाड़ा क्षेत्र में किए गये विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि आदिवासी क्षेत्र में किसानों के हित में सरकार द्वारा 1 अप्रैल, 2018 से ऑन डिमांड कृषि कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के लिए मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए विशेष व्यवस्था और सर्विस कैडर का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर में मेडिकल कॉलेज और बांसवाड़ा में गोविन्द गुरू जनजाति विश्वविद्यालय की स्थापना से स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक फायदा मिलेगा। 
              मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में 346 आश्रम छात्रावासों में 22 हजार छात्र-छात्राएं तथा 3 आवासीय विद्यालयों में 8 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। साथ ही 13 खेल छात्रावास भी संचालित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप बटालियन की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी, जिसका फायदा क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा। 
                धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकारसिंह लखावत ने समारोह को संबोधित करते हुए राज्य सरकार ने मानगढ़ पर राष्ट्रीय जनजाति संग्रहालय के लिए अब तक की सबसे बड़ी स्वीकृति जारी की है। उन्होंने कहा कि धाम को दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
               समारोह में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री श्री धनसिंह रावत, जलदाय राज्यमंत्री श्री सुशील कटारा, संसदीय सचिव श्री भीमा भाई, सांसद श्री मानशंकर निनामा, पूर्व मंत्री श्री जीतमल खांट, श्री रामकिशोर मीणा एवं श्री चुन्नीलाल गरासिया, विधायक श्री नवनीतलाल निनामा, श्रीमती अनिता कटारा, नगरपरिषद सभापति श्रीमती मंजूबाला पुरोहित, जिला कलक्टर श्री भगवती प्रसाद, एसपी श्री कालूराम रावत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिधि, अधिकारी, कर्मचारी और श्रद्धालु मौजुद थे। 
    मुख्यमंत्री ने मानगढ़ धूणी पर की पूजा अर्चना
              इससे पहले मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने मानगढ़ धाम में मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर आदिवासियों के आस्थाधाम पर गोविन्द गुरू के 1 हजार 500 भक्त आदिवासियों द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान दिए गए बलिदान की पुण्य स्मृति में आयोजित वार्षिक मेले में भाग लिया। उन्होंने यहां धाम की मुख्य धूणी पर पूजा-अर्चना की। उन्होंने ईश्वर से प्रदेश में खुशहाली और सुख-शांति की कामना की। मेले में मुख्यमंत्री के आगमन तथा राष्ट्रीय जनजाति संग्रहालय के शिलान्यास समारोह के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमडे़।

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