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    न्यायालय में विचाराधीन है मामला, फिर भी एसडीएम के निर्देश पर तोड़ा मकान

    भिण्ड 7/दिसंबर/2017 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >>  शहर के भूता कंपाउण्ड स्थित डॉ विनोद सक्सेना के संचालित क्लीनिक का हिस्सा गिराए जाने के मामले में पीडि़त साकेत सक्सेना ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से गलत बताया। इस भू-खण्ड पर कब्जे को लेकर यह मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बाद भी अनुविभागीय अधिकारी के आदेश पर हुई इस कार्रवाई को उन्होने पूरी तरह से अव्यवहारिक बताते हुए स्वयं को लाखों रुपए की क्षति होने की बात कही।
               
    ज्ञात हो कि बीते 30 नवंबर को भूता कंपाउण्ड में संचालित डॉ विनोद कुमार सक्सेना के क्लीनिक वाले हिस्से को एसडीएम के आदेश पर गिरा दिया गया था। इस मामले में जानकारी देते हुए साकेत सक्सेना ने बताया कि संजय भूता ने बीते 18 नवंबर 2016 को न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी भिण्ड में आवेदन प्रस्तुत करते हुए राजेन्द्र कुमार भूता पुत्र बालकृष्ण भूता के स्वामित्व की जगह पर डॉ विनोद कुमार सक्सेना द्वारा कब्जा होना बताया था, जिसमें सुनवाई के बाद एसडीएम न्यायालय ने उक्त प्रकरण निरस्त कर दिया गया। उक्त भू-खण्ड पर डॉ विनोद सक्सेना द्वारा क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। उन्होने बताया कि इस जमीनी विवाद का यह मामला फिलहाल न्यायालय चतुर्थ व्यहार न्यायाधीश वर्ग-2 में विचाराधीन है। इसके बावजूद भी संजय भूता ने एसडीएम न्यायालय में गलत जानकारी देकर भवन तोड़ हुई कार्रवाई:
            साकेत सक्सेना ने बताया कि एसडीएम न्यायालय द्वारा उक्त भवन को जर्जर बताते हुए गिराने के आदेश दिए थे। जिसके संबंध में एसडीएम द्वारा हमें कोई नोटिस नही दिया गया। संजय भूता ने उक्त भवन को गिराने के लिए राजस्व व पुलिस अधिकारियों से सांठ-गांठ कर भवन तोड़ दिया। उन्होने कहा कि इस पूरी कार्रवाई में यहां संचालित क्लीनिक व लैब की मशीनों सहित लाखों रुपए का सामान दब कर नष्ट हो गया। जबकि किसी भी भवन को गिराने से पहले संबंधित न्यायालय उसे नोटिस देते हुए खाली करने का समय दिया जाता है।
    इनका कहना है:
    - इस भू-खण्ड पर पिछले कई सालों से मेरे पिता का क्लीनिक संचालित किया जा रहा है, जिसके लिए हमारे द्वारा प्रतिमाह किराया दिया जाता है। इस भूखण्ड को हथियाने के लिए कुछ लोगों द्वारा गलत तथ्य पेश कर एसडीएम न्यायालय के आदेश पर तोड़ दिया, जबकि इसका प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
    साकेत सक्सेना, पीडि़त
    - उक्त भवन मेरे चाचा राजेन्द्र कुमार भूता के नाम है,जहां डॉ विनोद सक्सेना को क्लीनिक संचालन किया जा रहा था। इसके संबंध में उनके पास कोई किराएनामा या अन्य कोई दस्तावेज नही है। भवन काफी पुराना होने से आसपास के लोगों को दिक्कत आ रही थी। इसी आधार पर जानमाल की सुरक्षा उक्त भवन को गिराया गया है।

    संजय भूता, प्रतिवादी
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