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    भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा पारदर्शी सेवा

    भिण्ड 2/जनवरी/2018 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >>  रीयल स्टेट सेक्टर में व्याप्त अतुलंन को दूर करने के की दिशा में एक मई 2016 से प्रदेश सहित देश में रीयल एस्टेट्र रेग्यूरेटिंग एक्ट लागू हो गया है। इस एक्ट के तहत उपभोत्क्ताओं को पारदर्शी सेवा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
                बिल्डर्स को नई आवासीय कॉलोनी, प्रोजेक्ट का रैरा में पंजीयन कराना अनिवार्य हो गया है। पंजीयन न होने वाले प्रोजेक्ट आवासीय कॉलानी अवैध मानी जावेगी। इसके तहत यदि आमजन की जानकारी में यह आता है कि जिले में कोई आवासीय कॉलोनी या प्रोजेक्टर एवं विकास कार्य पूरे नहीं हुये है और यह रैरा में पंजीकृत नहीं है, तब इसकी जानकारी रैरा प्राधिकरण को दी जा सकती है। प्राधिकरण को यह जानकारी रैरा भवन, बोर्ड आफिस कैम्पस मैन रोड नम्बर 1, भोपाल 472011 पर दी जा सकती है। इस एक्ट के लागू होने के वाद किसी भी आवासीय कॉलोनी, प्रोजेक्ट की मार्केटिंग और बुकिंग तभी की जा सकती है जब इसे रैरा के अन्तर्गत पंजीकृत कराया गया हो। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षा प्रदान करते हुये यह भी प्रावधान किया गया है कि ठेकेदार, विल्डरर्स, प्रमोटर्स को आवंटियों के साथ किये गये अनुबंधों का पालन करना होगा और निर्माण कार्य की पांच वर्ष की  गारंटी, समय पर डिलेवरी, तथा विज्ञापन और ब्रोशर में किये गये दावों की पूर्ति करनी होगी। कोई भी अनियमितता होने पर उपभोक्ता घर बैठे रेरा-प्राधिकरण की बेबसाइड ूूूण् तलतमतंण्उचहवअण्पद  पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इन शिकायतों पर प्राधिकरण द्वारा तुरन्त सुनवाई करके निराकरण किया जाता है।
    ग्वालियर में सुनवाई प्रति सप्ताह:

           मप्र भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण के चेयरमेन अंटोनी डिसा एवं सहयोगी सदस्यों द्वारा भोपाल में सुनवाई के साथ ग्वालियर में प्रति सप्ताह केम्प आयोजित कर सुनवाई का अवसर दिया जा रहा है। जिससे लोगों तक जानकारी पहुंचे एवं उपभोक्ताओं के हितो का संरक्षण किया जा सके। इसलिए किसी भी ग्राहक द्वारा अगर मकान, प्लाट खरीदा जाता है। उस समय बिल्डर का रैरा नम्बर अवश्य देखा जावे। अगर रैरा नम्बर बिल्डर का नहीं पाया जाता है, तब प्रोजेक्ट कॉलौनी अवैध की श्रेणी में आएगी। 
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