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    कौशल प्रशिक्षण एवं उच्चतर शिक्षा के मध्य अंतराल मिटाने के लिये ऐतिहासिक कदम

    भोपाल 31/जनवरी/2018,(rubarudesk) @www.rubarunews.com>> मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मं‍त्रि-परिषद की बैठक सम्‍पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा कौशल प्रशिक्षण को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये महाविद्यालयों में प्रवेश के अवसर उपलब्ध कराने के लिये व्यवस्था की गई है। कौशल प्रशिक्षण के संचालन के लिये तथा कौशल प्रशिक्षण एवं उच्चतर शिक्षा के मध्य अंतराल को मिटाने के लिये औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों एवं पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों के मान्यता प्राप्त पाठयक्रमों के साथ मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षा में दो विषय यथा अंग्रेजी और हिन्दी उत्तीर्ण करने पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक योग्‍यता को कक्षा दसवीं/बारहवीं की समकक्षता प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
    बैतूल में समेकित विद्यालय योजना को स्वीकृति
    मंत्रि-परिषद ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये समेकित विद्यालय योजना के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। शासकीय शालाओं में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये आसपास के विद्यालयों को नजदीकी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भौतिक, वित्तीय और मानवीय संसाधनों का एकीकरण कर सर्वसुविधायुक्त विद्यालय परिसर विकसित किये जाने के लिए बैतूल जिले में विकास खण्ड बैतूल के शासकीय कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैतूल बाजार को समेकित विद्यालय पायलेट के रूप में संचालित करने की स्वीकृति दी गई है।
    पायलेट प्रोजेक्ट के अनुरूप अन्य जिलों से प्रस्ताव प्राप्त होने पर निर्धारित मापदण्ड अनुसार समेकित विद्यालय संचालन योजना की प्रशासकीय स्वीकृति स्कूल शिक्षा विभाग जारी कर सकेगा।
    जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति कल्याण के निर्णय
    मंत्रि-परिषद ने हाई तथा हायर सेकेण्‍डरी स्तर पर बालिकाओं की नामांकन दर में वृद्वि के लिये कन्या शिक्षा विस्तार की दृष्टि से पूर्व से संचालित 201 बालिका छात्रावासों के संचालन में सुदृढ़ीकरण एवं 200 सीटर 6 नवीन बालिका छात्रावासों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की। यह छात्रावास झाबुआ, खण्डवा (हरसूद), शहडोल, छतरपुर, उज्जैन तथा छिंदवाड़ा में स्थापित किये जाएगें। इसके लिए वर्ष 2017-18 से 2019-20 की अवधि के लिये 162 करोड़ 39 लाख की कार्ययोजना पर भी सहम‍‍ति दी गई।
    प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में आगामी 3 वर्षो में 120 हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी शालाओं के उन्नयन के फलस्वरूप 2160 पदों के सृजन तथा 194 हायर सेकेण्डरी शालाओं के भवन निर्माण के लिये वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक योजना के निरंतर संचालन के लिये राजस्व मद में 1814 करोड़ 60 लाख रूपये तथा पूँजीगत मद में 2 करोड़ 95 लाख 86 हजार रूपये की स्वीकृति मं‍त्रि-परिषद द्वारा प्रदान की गई।
    इसी क्रम में शैक्षणिक संस्थाओं तथा छात्रावासों के अधीक्षकों, प्राचार्यों को दिये जाने वाले उत्कृष्‍टता पुरस्कार संबंधी योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक के लिये निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की गई।
    मंत्रि-परिषद ने कन्या शिक्षा परिसर योजना के अंतर्गत 80 कन्या शिक्षा परिसरों के निर्माण के लिये 1916 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही इस योजना के वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर संचालन के लिये 415 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
    मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति राहत योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक संचालन की निरंतरता को स्वीकृति प्रदान की। योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति के ऐसे जरूरतमंद लोगों को तुरंत आर्थिक सहायता पहुँचाई जाती है जो अपनी निर्धनता और असहाय अवस्था के कारण संकटापन्न स्थिति में हो तथा जिन्हें शासन की अन्य योजनाओं से सहायता मिलने की संभावना न हो।
    मंत्रि-परिषद ने बैतूल जिले में पारधी पुनर्वास के लिये आबादी की भूमि को नजूल बाहय घोषित करते हुये आवंटन की अनुमति प्रदान की।
    शहरी विकास एवं सुधार में क्रांतिकारी निर्णय
    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश अर्बन सेनिटेशन एण्ड एन्वार्यन्मेंट प्रोग्राम के अंतर्गत होशंगाबाद, बड़वानी, सेंधवा, नरसिंहपुर और मण्डला नगर की सीवरेज योजना को स्वीकृति प्रदान की। के.एफ डब्ल्यू बैंक के वित्त पोषण से प्रस्तावित इस कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2017-18 से निरंतर रखने का अनुमोदन भी प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत संशोधित लागत 75 मिलियन यूरो जिसमें के एफ डब्ल्यू बैंक का ॠण 50 मिलियन यूरो तथा अनुदान 2.5 मिलियन यूरो होगा, की स्वीकृति प्रदान की गई।
    मंत्रि-परिषद ने शहरी सुधार कार्यक्रम योजना को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति भी प्रदान की।
    मंत्रि-परिषद ने विश्व बैंक के वित्त पोषण से लिये जा रहे मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को वित्तीय वर्ष 2017-18 से निंरतर रखने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया। इसके अंतर्गत 6 नगरों में जलावर्धन तथा 9 नगरों में सीवरेज योजनायें ली जाएगी। जलावर्धन के लिये खरगोन, बुरहानपुर, मुरैना, बड़ा मलहरा, सेवढ़ा (दतिया), पटेरा तथा सीवरेज के लिये छिंदवाड़ा, मंदसौर, शाजापुर, शहडोल, धरमपुरी, भेड़ाघाट, महेश्‍वर, नसरूल्लागंज एवं नागदा को शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की कुल लागत 166 मिलियन डॉलर जिसमें विश्व बैंक का ॠण 116.2 मिलियन डॉलर होगा, की स्वीकृति प्रदान की गई।
    मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से 126 नगरीय निकायों में जल प्रदाय तथा 10 नगरीय निकायों में सीवरेज प्रबंधन के कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना को वर्ष 2017-18 से निरंतर रखने का अनुमोदन किया गया है। मध्यप्रदेश अर्बन सर्विसेस इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के चरण-1 की संशोधित लागत 399 मिलियन यू.एस. डॉलर (लगभग रू. 2600 करोड़) तथा चरण-2 की संशोधित लागत 430 मिलियन यू.एस.डॉलर (लगभग रू. 2800 करोड़ )की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
    मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के द्वितीय चरण को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही योजना के अंतर्गत लिए जाने वाले कार्यों की प्राथमिकता को पुनरीक्षित किया गया। कुल 12 नगरीय निकायों को मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिये चयन और क्रियान्वयन प्रक्रिया को स्वीकृति दी गई। मुंगावली, ओरछा, चित्रकूट, मैहर एवं अमरकंटक को मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। अन्य नगरों का चयन प्रतियोगिता द्वारा होगा।
    पुलों का निर्माण एवं उन्नयन
    मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के राज्य मार्गो तथा मुख्य जिला मार्गों पर 379 उच्च-स्तरीय पुलों के निर्माण/उन्नयन के लिये 1625 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। पुलों का निर्माण न्यू डेव्लपमेंट बैंक के वित्त पोषण से किया जाएगा।
     अनुकम्पा नियुक्ति
    मंत्रि-परिषद ने मंदसौर गोलीकांड में प्रभावित 6 परिवारों के एक-एक पात्र व्यक्ति को विशेष अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय भी लिया।
    कृषि कल्याण के निर्णय
    भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के अंतर्गत स्वाईल हेल्थ मैनेजमेंट योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर संचालन के लिये 99 करोड़ 60 लाख 56 हजार रूपयें का अनुमोदन प्रदान किया गया।
    भारत सरकार द्वारा संचालित कृषि संगणना, फसल सुधार सॉख्यिकी योजना और प्रमुख फसलों के क्षेत्रफल तथा उत्पादन के अनुमानों को समय पर भेजने की योजना (टी.आर.एस) में 11 करोड़ 15 लाख 47 हजार रूपयें का अनुमोदन प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
    नवकरणीय उर्जा के निर्णय
    मंत्रि-परिषद ने नवकरणीय ऊर्जा प्रमाण-पत्र प्रक्रिया के तहत नवकरणीय ऊर्जा क्रय करने के लिये प्रबंध संचालक एम.पी.पावर मैनेजमेंट कम्पनी लिमिटेड की अध्यक्षता में समिति गठित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इस समिति में ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी तथा मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कम्पनी के एक-एक प्रतिनिधि रहेंगे।
    प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की सहभागिता को बढा़वा देने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया।
    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी में प्रयोगशाला भवनों के निर्माण की स्वीकृति
    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत ड्रिलिंग रिंग्स का आपरेशन,वर्कशाप,एयर कम्प्रेशर के अनुरक्षण कार्य तथा उपखण्डीय प्रयोगशाला भवनों के निर्माण,विकास तथा उन्नयन कार्यक्रम को केन्द्रीय वित्त आयोग के कार्यकाल अर्थात मार्च 2020 तक निरंतर रखने का अनुमोदन प्रदान किया गया।
    पदों का सृजन
    मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग के अधीन संचालनालय कोष एवं लेखा के अंतर्गत मध्यप्रदेश कोषालयीन सूचना प्रौद्योगिकी सेवा में 5 नवीन पदों का सृजन करते हुए नवीन पदीय संरचना को स्वीकृ‍ति दी।
    मध्यप्रदेश स्टेट गैरेज की नियमित स्थापना में 87 वाहन चालकों के पदों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।
    अशोक नगर जिले के ग्राम बरखाना में नवीन पुलिस चौकी और पुलिस चौकी सेहराई का थाने में उन्नयन तथा 25 पदों की स्वीकृति प्रदान की गई।
    मंत्रि-परिषद ने सीधी भर्ती में वरिष्‍ठ कृषि विस्तार अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के नियमित पदों पर नियुक्ति के लिये विभागीय योजनाओं में कार्यरत सेवा भर्ती नियमों के अनुसार अर्हतादायी संविदाकर्मियों को अधिकतम 10 अंक का बोनस के रूप में लाभ दिये जाने का निर्णय लिया।
    छात्रवृत्ति की स्वीकृति
         मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के एकमात्र शासकीय स्वशासी होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल में सत्र 2016-17 से प्रारंभ एम.डी (होम्यो) पाठयक्रम में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को प्रथम वर्ष के लिये 21 हजार, द्वितीय वर्ष के लिये 22 हजार तथा तृतीय वर्ष के लिये 23 हजार रूपये की छात्रवृत्ति के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।





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