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    छोटी से छोटी चीजों को इनोवेटिव तरीके से रोचक बना कर प्रस्तुत करना सीखें- जिला कलक्टर

    बून्दी, 30/जनवरी/2018 (KrishnaKantRathore) @www.rubarunews.com>>  माटूंदा गांव में मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास की ओर से शैक्षिक किशोरी मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के सरकारी स्कूलों की छात्र-छात्राएं भी शामिल हुईं। जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने शैक्षिक किशोरी मेले का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की बालिकाओं द्वारा लगाई गई विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन भी किया। 
    मेले में छात्रावास की छात्राओं की ओर से लगाई गई स्टॉल्स का निरीक्षण करने के बाद जिला कलक्टर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बालिकाओं को संदेश दिया  कि जीवन में आगे बढऩा है तो सिर्फ और सिर्फ शिक्षा ही एक माध्यम है, जिससे वह आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे अच्छे घर में शादी हो जाना व मां-बाप का आप पर अच्छा पैसा खर्च कर देने को ही जीवन की सफलता नहीं मानें। इसके विपरीत अच्छा पढ़-लिख कर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी जब छोटी थी, तो उनके परिजनों ने भी आगे बढऩे लिए पढ़ाई को ही एक मात्र जरिया बताया। अपने जीवन की कमान अपने हाथ में होना ही जीवन की सफलता है। 
    उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी बालक-बालिकाओं से यह अपील की कि वे भी केजीबी की छात्राओं की भांति छोटी से छोटी चीजों को इनोवेटिव तरीके से रोचक बना कर प्रस्तुत करना सीखें। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छात्राओं ने अपने स्टॉल्स पर अंग्रेजी, हिन्दी व साइंस के कॉन्सेप्ट को प्रस्तुत किया है, वैसे ही वे इनको अपनी दिनचर्या में भी शामिल करें। अध्यापकों को भी चाहिए कि वे महीने में एक बार छात्र-छात्राओं को इस प्रकार के आयोजन करने को कहेंं। इससे पढ़ाई अधिक आसान और रूचिकर हो जाएगी। साथ ही खेलकूद में रूचि हो तो उसमें भी अपना बेहतर दें। राज्य सरकार शिक्षा के लिए काफी सुविधा मुहैया करवा रही है। बालिकाएं लक्ष्य निर्धारित कर उसी के अनुरूप मेहनत करें। 
    जिला कलक्टर ने लिखी 'मन की बात' 
    मेले में स्टॉल अवलोकन के दौरान जिला कलक्टर ने एक स्टॉल पर पहुंचकर मन की बात भी लिखी। उन्होंने लिखा 'किशोरी मेला बहुत ही रोचक, ज्ञानवर्धक और उत्कृष्ट श्रेणी का है। सभी बालिकाओं ने बहुत बढिय़ा प्रयास किया है। मेले में छात्राओं लगाई स्टॉले बहुत ही अच्छी है। अच्छा शैक्षिक वातावरण एवं चहुंमुखी विकास हो रहा है।
    कलक्टर को छात्राओं ने दी 'ए' ग्रेड 
    शैक्षिक किशोरी मेले में छात्राओं द्वारा बौद्धिक स्तर परखने सहित ज्ञान को बढ़ाने के लिए कई तरह की स्टॉले लगाई गई। इनमें 'सूरज का कुनबा' स्टॉल पर पहुंचने पर जिला कलक्टर ने बालिकाओं द्वारा रखे गए प्रश्नों को सहजता के साथ हल किया।  इस पर स्टॉल पर मौजूद बालिकओं ने जिला कलक्टर को इसके लिए 'ए' ग्रेड दिया। इस दौरान जिला कलक्टर ने माटी मांगे अपने रूप स्टॉल पर मिट्टी का बर्तन बनाया, वहीं एक स्टॉल पर पेंसिल की परीक्षा भी दी। 
    कार्यक्रम में उपवन संरक्षक डॉ. कविता सिंह ने स्टॉल प्रदर्शित मॉडल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों ने एक साधारण विचार को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर अच्छा कार्य किया है। बच्चों को गुड टच बैड टच और स्वच्छता के लिए जरूर जागरुक करें। सभी बच्चे अच्छे से पढ़े अपने जीवन में बहुत आगे बढ़े अपने मां बाप का और देश का नाम रोशन करें। माटूंदा सरपंच महेन्द्र शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे है। कार्यक्रम हुमेरा केसर ने कहा कि प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान को साकार करने के लिए बेटियों की शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देना होगा। बेटियां पढ़े और समाज, परिवार, राज्य और देश का नाम रोशन करें। 
    मार्शल आर्ट का प्रदर्शन 
    कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के जरिए शारीरिक रूप से मजबूत हो रही कस्तूरबा गांधी छात्रावास की बालिकाओं ने मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया। बालिकाओं द्वारा मार्शल आर्ट के जरिए अपनी सुरक्षा खुद करने की कलाओं के प्रदर्शन को सभी ने सराहा। कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा सांस्कृति कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी गई।  कार्यक्रम में जिला कलक्टर ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। 
    किरण और मधु की प्रदर्शनी को सराहा 
    मेले में केजीबी छात्रावास की बालिकाओं किरण और मधु द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को जिला कलेक्टर ने सराहा। छात्राओं ने सिलाई प्रदर्शन, मानव उत्सर्जन, स्वच्छ भारत मिशन तथा जल प्रदूषण मॉडल को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया। मेले में कस्तूरबा गांधी छात्रावास की बालिकाओं द्वारा तीन दर्जन से अधिक स्टॉले लगाई गई। इनमें बेटी बचाओ बेटी पढाओ का संदेश प्रसारित करती जेण्डर संवेदनशीलता, कौन है सबसे होशियार, चालक कुचालक, अम्ल क्षार लवण, सूरज का कुनबा, फसले रबी खरीफ, जन्मा कौन कैसे, आंतरिक अंगों के नाम सही स्थान पर जमाओ, ज्यामितीय आकृति, मेरी इकाई बताओ, मेरा मूल्य बताओ, खोजो और पाओ, थोडा जल्दी करो, अंदाज अपना अपना, पर्चिया, पैसे संभालू कैसे, नापो तो मानू, मेरे जैसा और कौन, बस एक शब्द, सही शब्दों का मेल मिलाये, मिलाकर बनाओ संयुक्त व्यंजन पाओ, सामाजिक ज्ञान, मुझे कब मनाओगे,  देश दुनिया को जाने, फोन घुमाओ नम्बर पाओ, मेल मिलाओ नम्बर पाओ, सात दिन का सप्ताह बारह महीने का साल, चेक योअर मेमोरी पॉवर,  रिंग का किंग, पेंसिल की परीक्षा, बस एक झलक, छू कर महसूस करो, माटी मांगे अपने रूप, पेटिंग स्टालें शामिल थी। 
    कार्यक्रम में सर्वशिक्षा अभियान के एडीपीसी प्रमोद वर्मा, एडीईओ उदालाल मेघवाल, बीईओ त्रिभुवन गौतम, कस्तूरबा गांधी राजकीय आवासीय छात्रावास की प्रभारी भावना व्यास, वार्डन मंजू मीणा, मनीषा सैनी, श्ंाकुतला गुर्जर, शशि शर्मा, वार्ड पंच चंचल शर्मा, दीक्षांत शर्मा, सुखपाल गुर्जर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जयप्रकाश त्रिपाठी ने किया। 

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