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    सालों चली जांच और न्यायालय के आदेश पर बर्खास्त किए 49 संविदा शिक्षक

    भिण्ड 15/फरवरी/2018 (rubarudesk) @www.rubarunews.com>> संविदा शिक्षक बनने के लिए वर्ष 2006, 2009 और 2011 में हुई भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा करते हुए फर्जी दस्तावेज लगा कर नौकरी प्राप्त करने वाले शिक्षकों के खिलाफ लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार प्रशासन द्वारा फैसला ले लिया गया। जिसके तहत दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा कर नौकरी प्राप्त करने वाले 49 शिक्षकों को जिला पंचायत सीईओ सपना निगम द्वारा बर्खास्त कर दिया गया।
          संदिश शिक्षक की नौकरी प्राप्त करने के लिए वर्ष 2006, 2009 और 2011 में हुई भर्ती प्रक्रिया में शामिल इन शिक्षकों द्वारा कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज लगा कर नौकरी के लिए आवेदन किया गया था। जिसमें डीएड-बीएड की फर्जी मार्कशीट लगा कर उनके द्वारा वरीयता सूची में 20 अंक प्राप्त किए गए थे। भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने के बाद नौकरी प्राप्त इन बोगस शिक्षकों ने वर्ष 2014 मेंं जिला डाईट संस्थान से डीएड की परीक्षा दी। इस बात की शिकायत होने पर तत्काली कलेक्टर एमसिबि चक्रवर्ती ने मामले की जांच की तो स्थिती स्पष्ट तौर पर सामने आ गई। जिसके बाद श्री चक्रवर्ती ने एडीएम पीके श्रीवास्तव को डाईट भेज कर पूरा रिकॉर्ड जप्त कराते हुए मामले की जांच आरंभ कर दी। जिसमें जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि जिले में हुई संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया वर्ष वर्ष 2006, 2009 और 2011 में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जिस पर उन्होने जिले की सभी जनपदों में संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का रिकॉर्ड तलब कर जांच शुरु कर दी। लेकिन इसी दौरान कलेक्टर एमसिबि चक्रवर्ती का तबादला हो गया, जिससे मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
    हाईकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई:
         ज्ञात हो कि संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2006, 2009 और 2011 में हुए इस फर्जीवाड़े को लेकर उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ में एक जनहित याचिका दायर की गई। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मामले से जुड़े दस्तावेज तलब करने के लिए जिला प्रशासन व लोक शिक्षण संस्थान भोपाल को निर्देश दिए। लेकिन मामले में ढीलपोल बरती गई। इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर कलेक्टर इलैया राजा टी ने जांच कमेटी गठित की, जिसने उस भर्ती प्रक्रिया में नौकरी प्राप्त करने वाले 98 शिक्षकों को नोटिस जारी कर भर्ती से संबंधित दस्तावेज मांगे। इनमें से 49 शिक्षकों के दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी पाए गए। इस आधार पर इन सभी को जिला पंचायत सीईओ सपना निगम द्वारा बर्खास्त करने के आदेश जारी किए। हालांकि अभी मामले से जुड़े 17 अन्य शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
    नष्ट किया जनपद में भर्ती रिकॉर्ड:
           उल्लेखनीय है कि संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हुए इस फर्जीवाड़े की परतें खुलते ही मामले को अंजाम देने वाले भ्रष्ट अफसर कर्मचारियों में हलचल मच गई। जिसके बाद इस पूरे प्रकरण को दबाने के लिए जनपद पंचात अटेर में जमा संविदा शिक्षक रिकॉर्ड गायब कर दिया गया। जिसकी जांच होने पर जनपद बाबू विनोद पांडे पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई। लेकिन भिण्ड जनपद से उक्त भर्ती प्रक्रिया का रिकॉर्ड गायब होने के बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई।
    दर्ज होगा आपराधिक मामला:
          संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज लगा कर नौकरी प्राप्त करने वाले इन 49 शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने के बाद जल्द ही जिला शिक्षा विभाग द्वारा इन सभी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाऐगा। इसके लिए विभागीय अधिकारी द्वारा तैयारी की जा रही है। हालांकि इस फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारी व कर्मचारियों को लेकर प्रशासन व जांच कमेटी द्वारा स्थिती स्पष्ट नही की गई है। जिसमें उनकी लापरवाही व मिली भगत से यह पूरा फर्जीवाड़ा संभव हो सका है।
    फर्जी दस्तावेेज लगा कर नौकरी प्राप्त करने वाले 49 शिक्षकों को जांच के बाद दोषी पाए जाने पर उन्हें बर्खास्त किया गया है। इस मामले में रिपोर्ट हाईकोर्ट ग्वालियर में पेश की जा चुकी है। इसके बाद निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाऐगी।

    एसएन तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी भिण्ड
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