• --New-- Click here to Watch News channel online.
  • बाप-बेटे की हत्या का खुलासा हत्यारा भाई का ही बेटा निकला -गिरफ्तार | Rubaru news
    Powered by Blogger.

    बाप-बेटे की हत्या का खुलासा हत्यारा भाई का ही बेटा निकला -गिरफ्तार

    गाजीपुर18/2/2018(विकास राय) @www.rubarunews.com>> कोतवाली थाना क्षेत्र के मंगल मड़ई गांव(छावनी लाइन) में बाप-बेटे की हत्या का खुलासा रविवार को पुलिस ने कर दिया। यह खून किसी और ने नहीं बल्कि मृतक के सगे भाई के पुत्र ने ही किया था। उसने पुलिसिया पूछताछ में बताया कि पारिवारिक कलह का कारण पुश्तैनी जमीन की बेची गई रकम थी। हालांकि अभी इस मामले की पुष्टि नहीं हो रही है।
    बता दें कि 48 घंटे पूर्व हुए इस दोहरे हत्या को लेकर पुलिस काफी हाथ-पांव मार रही थी। पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा ने अपने आफिस में हत्यारे देवचंद को मीडिया के सामने पेश किया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर लिया है। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए सीओ सिटी ह्दयानंद सिंह, शहर कोतवाल राजीव कुमार सिंह तथा एसओ करंडा त्रिवेणीलाल सेन को पुलिस कप्तान ने लगाया था।
    आखिर क्यों अपने ही खून का प्यासा हो गया था देवचंद
    गौरतलब हो कि देवचंद अपने दादा रामजन्म तथा चाचा रंजीत से काफी नाराज था। इसका कारण 18 लाख रुपये में बेची गई पुश्तैनी जमीन की रकम बताई जा रही है। उस रुपये में दो-दो लाख उन्होंने अपने दोनों पुत्र परशुराम और रंजीत को दिए थे। इसी बीच देवचंद की बेटी की कंधे की हड्डी टूट गई। उसके इलाज के लिए अपने पिता परशुराम व दादा से देवचंद रुपयों की मांग करने लगा। दोनों ने उसे पैसे देने से इनकार कर दिया। इससे वह काफी गुस्से में था। उसे जब पता चला कि दादा और चार बिस्वा जमीन बेचने जा रहे हैं जिसको सुनने के बाद उसने यह खौफनाक फैसला ले लिया। उसने गाजीपुर लंका से कुल्हाड़ी खरीदा और रात करीब 12 बजे आटा चक्की पर पहुंचा और वहां सोये चाचा रंजीत के सिर पर कुल्हाडी से प्रहार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद पास में सोये दादा पर भी टूट पड़ा। उसने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए पहले कोठरी के पीछे नलकूप के हौदे के पानी से अपने शरीर पर पड़े खून के छिंटे साफ किया फिर टिशू पेपर से भी उन्हें साफ किया। साथ लाए बैग में रखे दूसरे कपड़े पहने और वारदात के वक्त पहने कपड़े को बैग में रखा। उसने टीसू पेपर को जला दिया। उसके बाद वह कुछ दूर बंशीबाजार में हाइवे पर सम्राट ढाबा पहुंचा। वहां से वह ट्रक पर बैठ कर वाराणसी चला गया। उसके पहले रास्ते में कुल्हाड़ी कुंआ और रक्तरंजीत कपड़ा झाड़ी में फेंक दिया था। वाराणसी पहुंच कर अपने पिता परशुराम को फोन कर बताया कि वह दिल्ली पहुंच चुका है। पिता ने घटना की जानकारी दी। पिता से बातचीत में उसे यह भी अंदाजा हो गया कि पुलिस को उस पर शक नहीं है। उसके बाद वह लौट आया। दादा-चाचा का पोस्टमार्टम होते वक्त पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचा। फिर दाह संस्कार में भी शामिल हुआ था।


    Share on Google Plus

    About Rubaru News

    This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
      Blogger Comment
      Facebook Comment

    0 comments:

    Post a Comment