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    जय विजय ने बैर से तो मनु सतरूपा ने प्रेम से परमात्मा की प्रप्ति की

    गाजीपुर 01/2/2018 (विकास राय) @www.rubarunews.com>> जनपद के असावर स्थित बुढे महादेव मंदिर में आयोजित श्री राम कथा में अयोध्या से पधारे मानस मर्मज्ञ भागवत् वेत्ता महामण्डलेश्वर श्री श्री 1008 श्री शिव राम दास जी फलहारी बाबा ने अपने मुखारविंद से मानस रूपी गंगा को प्रवाहित करते हुवे कहा की परमात्मा के निराकार से साकार होने के कारण अनेकानेक है जिसमें मुख्य रूप से दो कारण श्राप और आशिर्बाद है।आपने कहा की परमात्मा को प्राप्त करने का दो साधन है बैर और प्रेम क्योंकि दोनों में क्रिया एक याद करनी ही होती है।जय विजय ने बैर से तो मनु सतरूपा ने प्रेम से परमात्मा की प्रप्ति की।बाबा ने कहा कि नारियां यदि केवल पतिव्रता धर्म को शत् प्रतिशत् धारण कर ले तो परमात्मा को भी पत्थर या अपना पुत्र बना सकती है।सती बृंदा अनसुइया इस बात का जीवन्त प्रमाण है।जो अपने इच्छा के अनुरूप परमात्मा को रूप लेने पर विवश कर देती है।पतिव्रता की शक्ति से इस कलिकाल में सावित्री ने बिना यान के यम लोक की यात्रा करके सत्यवान को वापस लायी।जो आज तक विज्ञान नही कर पाया।नारी का अर्थ तेजस्विता और शक्ति होता है।परंतु गलत विचार से रावण ने सीता का उपयोग करना चाहा तो सर्वनाश तथा राम ने विवेक से सदुपयोग किया तो विश्वविजयी होते हुए समाज के लिए आदर्श हो गए।जहां नारी का सम्मान होता है वंहा देवताओ का वास होता है।
               नारी को भी सदा अपने मर्यादा में ही रहना चाहिए सीता जी लक्ष्मण की रेखा रूपी मर्यादा को पार नही की होती तो उनका हरण नही हुआ होता।पुत्र पिता पति पत्नी भाई भाई सभी अपने अपने मर्यादा में रहें तो घर ही स्वर्ग और परिवार के सदस्य ही देवी देवता बन जाते है । सुख और शांति दोनों मिलने लगती है।परिवार के सदस्य एक दूसरे को दबाव से नही अपने प्रभाव से बस में करंगे तो शांति ढूंढने कहीं अन्यत्र नही जाना पड़ेगा।फलहारी महाराज ने बताया की रूद्र महायज्ञ की तैयारी जोर शोर पर चल रही है।5 फरवरी को कलश यात्रा एवम 11 फरवरी को यज्ञ की पुर्णाहुती एवम प्रसाद वितरण व भण्डारे का आयोजन किया जायेगा।


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