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    रेत खदान संचालकों की लापरवाही के चलते गई मजदूर की जान, प्रशासन मौन

    भिण्ड  (rubarudesk) @www.rubarunews.com>>  रेत के अवैध उत्खनन लिप्त खनन कारोबारियों की लापरवाही के चलते जिले में एक और मजदूर की जान चली गई। पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बगैर अस्वीकृत स्थान पर खनन करा रही कंपनी का मजदूर की रेत के गड्डे में दबने से मौत हो गई। कंपनी कर्मचारियों द्वारा मामले की लीपापोती के प्रयास किए गए, लेकिन मृतक के परिजनों द्वारा विरोध दर्ज कराते हुए दोषी कंपनी मालिक व कर्मचारियों पर प्रकरण दर्ज करने की मांग की, जिस पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में ले लिया है।
                ज्ञात हो कि शुक्रवार के रोज भारौली निवासी रामराज सिंह भदौरिया 20 वर्ष पुत्र रामसिंह की दहिमा रेत खदान पर काम करते हुए रेत के टीले में दबने से मौत हो गई थी। मृतक पिछले कुछ समय से वेदांश मिनरल्स कंपनी में बतौर मजदूर काम कर रहा था। गुरुवार के रोज वह रौन थाने के अंतर्गत संचालित हो रही दहिमा रेत खदान पर खनन करने गया था। यहां अचानक से रेत का टीला धंसकने से उसकी चपेट में आए राजाराम की मौत हो गई। खनन कर रहे मजदूर की मौत होने की जानकारी होने पर वेदांश मिनरल्स कर्मचारी आनन-फानन में परिजनों को सूचना दिए बगैर ही मामले की लीपापोती करने के लिए उसे इलाज के लिए प्रायवेट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    एफआईआर पर डटे परिजन:
          बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन सीधे निजी अस्पताल पहुंचे, जहां कंपनी कर्मचारियों ने उन्हें मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया। लेकिन परिजनों ने पूरे मामले की पुलिस जांच कराने की कहते हुए शव को जिला चिकित्सालय ले गए। यहां रात भर इंतजार करने के बाद सुबह मामले में न्याया की गुहार लगाते हुए पुलिस प्रकरण दर्ज किए जाने तक पीएम नही कराने पर अड़ गए। जिसके बाद मामले की शिकायत एसपी प्रशांत खरे से किए जाने पर उन्होने पूरे प्रकरण में जांच कर दोषी वेदांश मिनरल्स कंपनी मालिक और कर्मचारी के खिलाफ आपराधि प्रकरण दर्ज करने की बात कही। जिस पर रौन थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने पीएम हाऊस पहुंच कर मर्ग बयान दर्ज कर मामला जांच में ले लिया। ज्ञात हो कि मृतक राजाराम अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला युवक था, जिसकी मौत के बाद अब परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे में उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
    शिकायत के बाद भी अवैध खनन:
           उल्लेखनीय है कि रौन अंतर्गत आने वाली दहिमा रेत खदान वेदांश मिनरल्स कंपनी के नाम पर स्वीकृत की गई है। लेकिन कंपनी कर्मचारी द्वारा यहां स्वीकृत ऐरिया के बजाए आसपास के बड़े क्षेत्र में अवैध रुप से उत्खनन किया जा रहा है। जिसके चलते यहां बड़े बड़े खड्डे हो गए हैं। पूर्व में भारौरी सहित आसपास के ग्रामीणों द्वारा इस मामले को लेकर प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से अवैध उत्खनन बंद कराने की शिकायत की थी, लेकिन अधिकारियों के ढुलमुल रवैए के चलते उक्त अवैध कारोबार बदस्तूर जारी रहा। जिसके परिणाम स्वरुप गुरुवार को यह हादसा हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में रोष व्याप्त है, जिन्होने अवैध खनन बंद न होने पर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
    न बीमा, न सुरक्षा संसाधन:
          गौरतलब है कि नए मायनिंग एक्ट में खननकर्ता को मशीनों के बजाए मजदूरों से रेत उत्खनन कराया जाने का नियम है। जिसके तहत स्वीकृत प्राप्त कंपनी को खनन करने वाले मजदूरों का ब्यौरा दर्ज कराते हुए लेबर एक्ट के तहत सभी का बीमा कराया जाना जरुरी है। लेकिन वेदांश मिनरल्स कंपनी द्वारा इन नियमों को ताक पर रखते हुए बगैर बीमा कराए ही मजदूरों से खनन कराया जा रहा है। ज्ञात हो कि पूर्व में एक युवक उक्त रेत खदान पर काम करते हुए घायल हो गया था। जिसे कंपनी प्रबंधन द्वारा मामले को रफा दफा कर दबा दिया था।
    इनका कहना है:
    -          वेदांश मिनरल्स कंपनी की लापरवाही के चलते मेरे भाई की मौत हुई है। अब परिवार का भरण पोषण कौन करेगा। इस मामले में दोषी कंपनी मालिक व अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए।
    सुनील सिंह, मृतक का चचेरा भाई

    - खदान में दबने से हुई युवक की मौत के मामले पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। इस पूरे प्रकरण को जांच में लेते हुए दोषियों के खिलाफ पूरी निष्पक्षता से कार्रवाई की जाऐगी।

    प्रशांत खरे, एसपी भिण्ड
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