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    बिना अनुमति हाइवे का हिस्सा खोदने पर लगा 40 लाख का जुर्माना

    भिण्ड (rubarudesk) @www.rubarunews.com>> शहर में सीवर प्रोजेक्ट के तहत काम करने वाली कंपनी द्वारा लगातार घटिया स्तर के काम के साथ शासन के नियमों का भी माखौल उढ़ाया जा रहा है। निर्माण कंपनी की इस जोर जबरदस्ती के बीच उनके द्वारा नेशनल हाईवे के हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिस पर एमपीआरडीसी अधिकारियों ने आपत्ती जताते हुए उन पर 40 लाख का जुर्माना लगा दिया है।
                ज्ञात हो कि अमृत योजना के तहत शहर में सीवर लाईन बिछाने का काम किया जा रहा है। जिसमें कंपनी के घटिया स्तर के निर्माण को लेकर नागरिकों द्वारा कई बार शिकवा शिकायतें की गई। इस मामले की शिकायत प्रदेश स्तर पर किए जाने के बाद जांच के नाम भी भोपाल से आए अधिकारियों की टीम ने लीपापोती कर दी। बगैर किसी जांच और निरीक्षण के चल रहे इस काम के बीच निर्माण एजेंसी द्वारा मनमर्जी से काम किया जाने लगा। जिसका नतीजा यह हुआ कि उन्होने एमपीआरडीसी विभाग से अनुमति लिए बगैर ही नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा खोद दिया। इस बात की जानकारी होने पर शुक्रवार को एमपीआरडीसी के अधिकारी नगर पालिका पहुंचे और नाराजगी जाहिर की।
    बगैर एनओसी कैसे तोड़ी सडक़:
         नपा में सीएमओ जेएन पारा सहित निर्माण कंपनी श्रीराम कंस्ट्रक्सन कंपनी के प्रभारी प्रोजेक्टर मैनेजर संजय शुक्ला से चर्चा करते हुए एमपीआरडीसी के एजीएम राजेश कुमार ने कड़ी आपत्ती दर्ज की। एजीएम ने कहा कि पिछले 2 महीनों से नपा और निर्माण एजेंसी के साथ चर्चा कर उनसे विभाग से एनओसी लेने की बात कही जा रही है। लेकिन आपकी लापरवाही का आलम ही कुछ और है। नेशनल हाईवे को तोडऩा आप सभी ने मजाक समझ लिया है। उन्होने कहा कि बगैर अनुमति ऐसा करने पर नियमानुसार आप लोगों को तीन महीने की सजा भी हो सकती है।
    40 लाख भरो त बचोगे:
          सीवर निर्माण कंपनी की लापरवाही और नपा कर्मचारियों की खिंचाई की जानकारी होने पर विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह भी मौके पर चर्चा करने पहुंच गए। जहां उन्होने एनएच अथॉर्रिटी अधिकारी श्री कुमार से चर्चा की। उन्होने कहा कि कंपनी द्वारा इस प्रकार की लापरवाही बेहद गलत है, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट से नगरवासियों की बड़ी आस लगी है। जिसे न रोका जाऐ। इस पर एजीएम ने कहा कि इसके लिए निर्माण एजेंसी को 40 लाख का जुर्माना भरना होगा। जिसे न देने पर यह राशि नपा से वसूल की जाऐगी।
    1 लाख में मिलेगी अनुमति:
          ज्ञात हो एनएच तोडऩे के मामले में अब निर्माण कंपनी को नपा के माध्यम से एमपीआरडीसी से आवेदन कर अनुमति लेनी होगी। जिसमें उन्हें 10 हजार की फीस भरने के साथ 1 लाख की डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) लगा कर आवेदन करना होगा। जिस पर विचार करने के बाद हाईवे अथॉर्रिटी अधिकारियों द्वारा इसकी अनुमति दी जाऐगी। जुर्माना व अनुमति लेने में अगर निर्माण एजेंसी कोई आनाकानी व लापरवाही करती है तो इसका खामियाजा नपा को भुगतना होगा।

             - हाईवे तोडऩे के मामले में एमपीआरडीसी के अधिकारियों से चर्चा के बाद निर्माण कंपनी को जुर्माना देने के निर्देष दिए गए हैं। जिसमें कार्रवाई जल्द की जा रही है।
    जेएन पारा, सीएमओ नपा भिण्ड
                 - एनएच को तोडऩे से पहले अनुमति नही लेना निर्माण कंपनी व नपा की लापरवाही दर्शाती है। शासकीय संपत्ति को शासकीय विभाग की आड़ लेकर नुकसान नही किया जा सकता है। इसमें जुर्माना भरने के बाद ही बचाव होगा। जिसमें कोई लापरवाही नही बरती जाऐगी।
    राजेश कुमार, एजीएम एमपीआरडीसी
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