• --New-- Click here to Watch News channel online.
  • विवाहिता की संदिग्ध हालत में मौत, ससुरालियों ने बताया एक्सीडेंट | Rubaru news
    Powered by Blogger.

    विवाहिता की संदिग्ध हालत में मौत, ससुरालियों ने बताया एक्सीडेंट

    भिण्ड 7/जून/2018 (rubarudesk) @www.rubarunews.com>>  पीहर से ससुराल के लिए निकली विवाहिता की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। ससुराल पक्ष ने मौत का कारण सडक़ हादसा होना बताने से पहले ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना की जानकारी दूसरे रोज मृतका के परिजनों को दी गई। जिसके बाद पीडि़त परिजनों ने इस मामले की शिकायत लहार थाना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने मामले की पड़ताल न करते हुए उसे दबा दिया। जिस पर मृतका के भाई ने एसपी से मामले की पुन: जांच के लिए आवेदन दिया।
               
    दबोहा निवासी राधाकृष्ण विश्वकर्मा ने बताया कि उसकी बेटी रामलता की शादी 10 साल पहले रामप्रकाश विश्वकर्मा निवासी लहार के बेटे अरविंद विश्वकर्मा के साथ की गई थी। जिसके 2 साल बाद ही ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा दहेज की मांग करते हुए प्रताडि़त किया जाने लगा था। बीते 27 मई 2018 को उसके ससुर रामप्रकाश व नंदोई हरीराम दबोह से  रामलता को अपने साथ ले गए। जिसके दूसरे दिन शाम को ससुराल से उसकी सडक़ हादसे में मृत्यु होने की सूचना परिजनों को दी गई। अचानक से बेटी की मौत की सूचना पर पिता राधाकृष्ण व भाई देशराज उसकी ससुराल पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही ससुरालियों द्वारा उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। विवाहिता की इस प्रकार से संदिग्ध हालत में मौत की सूचना मृतका के परिजनों द्वारा लहार पुलिस को दी गई, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नही की गई। जिसके बाद बीते रोज मृतका रामलता के भाई देशराज ने इस मामले की पुन: जांच कराने के लिए एसपी रुडोल्फ अल्वारोस से मुलाकात कर आवेदन दिया। जिस पर उन्होने इस प्रकरण की जांच के लिए एसडीओपी हेडक्वार्टर राकेश छारी को जिम्मेदारी सौंपी।
    हादसे में मौत तो एफआईआर नही:
           मृतका रामलता के भाई देशराज ने कहा कि ससुराल पक्ष ने मेरी बहन की मौत सड़क़ हादसे में मोटर साईकिल से गरने से होना बताया है। अगर ऐसा था तो उन्होने इस हादसे की सूचना पुलिस को क्यों नही दी और मृतका का पोस्टमार्टम क्यों नही किया गया। बहन की मौत के बाद ससुरालियों द्वारा चोरी छिपे से उसका अंतिम संस्कार करना मामले को संदिग्ध बनाता है। जिसमें ससुराल पक्ष के सभी लोगों द्वारा बड़ा षडय़ंत्र रचते हुए हादसे को अंजाम देना साबित होता है।
    दहेज के बदले हड़पी जमीन:
           ज्ञात हो कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष से पीडि़त रामलता ने पूरी बात अपने परिजनों से कही। जिस पर परिजनों ने मामले को सामाजिक तौर पर दबाते हुए दहेज की रकम के बदले ससुर रामप्रकाश के नाम 2 बीघा पैत्रिक जमीन नाम कराई गई थी। लेकिन जमीन नाम होने के कुछ समय बाद ससुराली पुन: और दहेज देने को लेकर मृतका को परेशान करने लगे थे।
    पूर्व में निकाल था घर से:
            देशराज ने बताया कि रामलता को उसके पति व ससुर ने दहेज की मांग को लेकर शादी के ढाई वर्ष बाद ही घर से निकाल दिया था। जिसके बाद काफी समय तक वह अपने पीहर में रही। इस मामले में रिस्तेदारों द्वारा राजीनामा कराए जाने पर ससुराली उसे अपने साथ ले गए थे।
    Share on Google Plus

    About Rubaru News

    This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
      Blogger Comment
      Facebook Comment

    0 comments:

    Post a Comment