• --New-- Click here to Watch News channel online.
  • आदिवासियों का सम्मान बरकरार रहेगा - मुख्यमंत्री चौहान | Rubaru news
    Powered by Blogger.

    आदिवासियों का सम्मान बरकरार रहेगा - मुख्यमंत्री चौहान

    श्योपुर 09/अगस्त/2018 (rubarudesk) @www.rubarunews.com>>मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आदिवासी भाईयों और बहनों ने अपनी संस्कृति, उत्सव, परंपरा को हमेशा से कायम रखा है। मप्र सरकार भी आदिवासियों के सम्मान को बरकरार रखेगी। वे आज धार जिले में आयोजित आदिवासी दिवस के समारोह को संबोधित कर रहे थे। जिसका अनुश्रवण श्योपुर जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम परिसर में आयोजित  जिला स्तरीय आदिवासी दिवस समारोह में किया गया। आदिवासी दिवस पर शासन की 34 योजनाओ में 6 हजार 48 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। 
                जिला स्तरीय आदिवासी दिवस समारोह केें मुख्य अतिथि श्री हरदयाल खाण्डेकर, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा, क्षेत्रीय विधायक श्री दुर्गालाल विजय, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अशोक गर्ग, आदिवासियों के वरिष्ठ नेता श्री सीताराम आदिवासी, श्री मुकेश मल्होत्रा, श्री बिहारी सिंह सोलंकी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती रामदासी आदिवासी, कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन, पुलिस अधीक्षक डाॅ. शिवदयाल सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री ऋषि गर्ग, सरपंच कराहल श्री नंदकिशोर आदिवासी, एसडीएम डाॅ. यूनुस कुरैशी, सहायक आयुक्त अजाका श्री सुनील भदौरिया, विभागीय अधिकारी, पत्रकार, सहरिया समाज के प्रतिष्ठित महिला पुरूष भारी संख्या में उपस्थित थे। 
             मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आनंद और प्रसन्नता का प्रतीक है। इस दिवस को हर वर्ष मनाया जावेगा। साथ ही प्रत्येक वर्ष छुट्टी दी जावेगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति अनमोल धरोहर है। जिसे संजोकर रखने की परंपरा आदिवासी भाई-बहनों में निरंतर चली आ रही है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, विरसा भगवान, शहीद तात्याभीम की वीरता से हम सभी भलिंभांति परिचित है। उन्होंने कहा कि जिनकी प्रतिमाएं लगाई जावेंगी। उन्हांेने कहा कि आदिवासी समाज परंपराओं को मनाने वाला समाज है। कोई भी आदिवासी बिना जमीन के नहीं रहेगा। उन्हांेने कहा कि दिसंबर 2016 से जिन आदिवासियों का वन भूमि पर कब्जा है। उनकों 2 लाख 24 हजार पट्टे दिये जा चुके हैं। अगर कोई भी आदिवासी इस अवधि में छूट गया हो तो उसे भी पट्टा दिया जावेगा। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं में किसी भी सुविधा से आदिवासियों को वंचित नहीं रहने दिया जावेगा। साथ ही वर्ष 2022 तक पक्के मकान बनवाकर दिये जावेंगे। जिससे झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले पक्के मकान की सुविधा  का लाभ उठा सकेंगे। 
            मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के हर आदिवासी मजरा-टोला में दिसंबर तक बिजली की व्यवस्था अभियान चलाकर पूर्ण कर दी जावेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों की कक्षा 1 से काॅलेज तक की फीस सरकार भराएगी। साथ ही निःशुल्क कोचिंग की सुविधा भी आदिवासी छात्रों को मिलेगी। उन्हांेने कहा कि विशेष भर्ती अभियान में आदिवासियों को सिलेक्सन की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश के 19 बेटा-बेटी आईआईटी में 134 मेडिकल काॅलेज में सिलेक्ट हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासियों को 2 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा प्रदान करने का अवसर दिया जा रहा है। खरीफ फसल मक्का समर्थन मूल्य पर खरीदी जावेगी। 
              आदिवासियों के हितों की दिशा में चरणपादुका योजना प्रारंभ की गई है। जिसमें पानी की कुप्पी की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि 500 जनसंख्या तक की आबादी को समूह पेयजल योजना से जोड़ा जावेगा। सभी आदिवासी क्षेत्र की सड़कों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जावेगा। उन्होंने कहा कि कुपोषण दूर करने की दिशा में एक हजार रूपये की सुविधा सहरिया परिवार की मुखिया को प्रदान की जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में छात्रावास में रहने की सुविधा आदिवासी बच्चों को प्रदान की जा रही है। साथ ही कमरे का किराया भी सरकार चुका रही है। प्रतिभाशाली बच्चों के लिए क्रीडा परिसर की सुविधा के अवसर दिये जा रहे हैं। साथ ही शिक्षा की दिशा में 286 भाषाई शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की कार्यवाही जारी है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के छोटे-छोटे केसों को वापस लेने की कार्यवाही की जावेगी। 
                 मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के अंतर्गत बिजली के बिल माफ करने की सुविधा सुनिश्चित की गई है। बिजली के बिल की भरपाई सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि चार बल्ब, दो पंखा, एक टीवी-एक कूलर, मोबाइल रिर्चाज की दिशा में 200/- प्रतिमाह बिजली के बिल की सुविधा का प्रावधा किया है। इस योजना में हर आदिवासी का घर रोशन होगा। उन्होंने कहा कि जनजाति अधिकार सभा गांव में होगी। जिसमें मामले सुलझाने की कार्यवाही होगी। इस सभा में नामांतरण बंटवारे के भी मामले निपट सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस सभा के माध्यम से मादक पदार्थों की विक्री सूचना भी दी जावेगी। उन्होंने कहा कि दरिद्र नारायण की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। बेकलाॅक पदों की भर्ती पूरी कर दी जावेगी। आदिवासी परिवार बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करें। कन्हैया योजना पर भी विचार किया जा रहा है। आदिवासी क्षेत्र विकास के लिए मिलकर कार्यवाही की जावेेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने अन्तराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर सभी को बधाई दी। 
                  जिला स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरदयाल खाण्डेकर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासियों को उपर उठाने के लिए विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि 23 अक्टूबर 1995 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने आदिवासियों का स्तर उठाने के लिए यह दिवस मनाने की शुरूआत की थी। इस दिवस में हम सभी आदिवासियों को मिलजुलकर समाज में उठने के प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही हम सभी को इस दिवस पर आपस में आदिवासियों के उत्थान की दिशा में पहल करनी चाहिए।  
              जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा ने समारोह में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी दिवस का आयोजन हम सभी के लिए खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि मप्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से आदिवासी क्षेत्रों में काफी बदलाव आया है। साथ ही पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाकर उनके जीवन स्तर मंे सुधार के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास की दिशा में आदिवासी क्षेत्रों में पेयजल, खाद्यान की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। साथ ही उनके विकास की दिशा में निरंतर प्रयास जारी है।    
            क्षेत्रीय विधायक  दुर्गालाल विजय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन पूरे जिले में उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासियों के उत्थान की दिशा में निरंतर कदम उठा रहे हैं। साथ ही शिक्षा की दिशा में उनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई भी निःशुल्क कराई जा रही है। उन्होंने आदिवासी महिला-पुरूषों से आग्रह किया कि प्रगति की ओर बढ़ने के लिए अपने बच्चों को पढ़ाने की दिशा में निरंतर कदम उठावे। 
               भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री अशोक गर्ग ने समारोह में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय के विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। साथ ही आदिवासी समुदाय की महिला मुखिया को कुपोषण से निजात दिलाने की दिशा में एक हजार रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्ग के व्यक्तियांे को एक रूपया किलो गेहूं, चावल एवं नमक की सुविधा उपलब्ध कराई जावेगी। 
             आदिवासी समुदाय के हितैषी नेता श्री मुकेश मल्होत्रा ने समारोह में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा जन कल्याण की दिशा में संबंल योजना प्रारंभ की है। इस योजना में महिलाओं को गर्भ के पूर्व एवं गर्भ के बाद 16 हजार रूपये की राशि देने का प्रावधान किया है। साथ ही अंत्येष्टी में भी 5 हजार रूपये की राशि के अलावा आकास्मिक मृत्यू पर 4 लाख तथा सामान्य मृत्यू पर 2 लाख रूपये की सुविधा प्रदान करने का अवसर दिया जा रहा है। 
    आदिवासी दिवस पर निकाली रैली
            जिला मुख्यालय श्योपुर के मेला ग्राउंड से जिले के आदिवासियों की रैली निकाली गई। यह रैली स्टेडियम परिसर में आयोजित समारोह में संम्मिलित हुई। इस रैली का नेतृत्व आदिवासी कलाकारों द्वारा दल-दल घोड़ी के माध्यम से किया। साथ ही सभी आदिवासी महिला-पुरूषों ने उत्साह और उमंग के साथ रैली में हिस्सा लिया। 
    आदिवासी लोक नृत्य की प्रस्तुति
    जिला स्तरीय आदिवासी दिवस समारेाह में जिले के विजयपुर क्षेत्र के 25 सदस्यी आदिवासी दल द्वारा लोक नृत्य डढेल की प्रस्तुति दी। जिसकी समारोह में सर्वत्र प्रशंसा की गई। 
    9 छात्र-छात्राओं को प्रसस्ती पत्र/ शील्ड प्रदान जिला स्तरीय कार्यक्रम के अतिथियों ने आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं मंे अध्यनरत 12वीं में सर्वाधिक अंक लाने वाले 9 छात्रों को प्रसस्ती पत्र/शील्ड प्रदान की। 

    Share on Google Plus

    About Rubaru News

    This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
      Blogger Comment
      Facebook Comment

    0 comments:

    Post a Comment