• --New-- Click here to Watch News channel online.
  • आदि कवि बाल्मीक त्रिकालदर्शी महान ऋषि थे: मनोज | Rubaru news
    Powered by Blogger.

    आदि कवि बाल्मीक त्रिकालदर्शी महान ऋषि थे: मनोज


    भिंड25/10/2018 (rubarudesk) @www.rubarunews.com>>  अखिल भारतीय साहित्य परिषद् इकाई भिंड द्वारा डॉ सुखदेव सिंह सेंगर की अध्यक्षता एवं साहित्यकार रामशंकर शर्मा के मुख्य आतिथ्य में शहर में गोल मार्किट स्थित मनोज स्वर्ण के निवास पर आयोजित विचार गोष्ठी में महर्षि बाल्मीक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मनोज स्वर्ण ने कहा की आदि कवि बाल्मीक संस्कृत भाषा के महान कवि ही नहीं त्रिकालदर्शी महानऋषि भी थे उन्होंने भगवान राम के जन्म से पूर्व ही स्वरचित रामायण में राम जी के संपूर्ण चरित्र का रचनात्मक विवेचन कर दिया था यह उनकी अगाध तपस्या, भक्ति साधना का ही परिणाम था, पं. राम शंकर ने बाल्मीक के प्रारम्भिक जीवन पर प्रकाश डाला और बताया कि दस्यु जीवन जीते हुए  किस प्रकार उनके अंदर संवेदनाओं का प्रादुर्भाव हुआ तत्पश्चात  उन्होंने माता सीता सहित लव-कुश का पालन-पोषण किया शिव बहादुर सिंह शिव ने उल्टा नाम जपा जग जाना बाल्मीक भये ब्रह्म सामना पर सार गर्भित ब्याख्यान दिया डॉ सेंगर ने भी अध्यछीय उद्बोधन में आदि कवि की प्रासंगिकता पर सारगर्भित वक्तव्य दिया द्वितीय सत्र में कवि अंजुम मनोहर ने कवि गोष्ठी का शानदार सञ्चालन किया डॉ शशिवाला राजपूत , महेश गुप्ता, आशुतोष शर्मा नंदू, अंजुम मनोहर, शिवबहादुर सिंह शिव, मनोज स्वर्ण, राजेश मधुकर, राइन अजनवी ने एक एक प्रतिनिधि रचना प्रस्तुत कर गोष्ठी को और अधिक भब्यता प्रदान की।

    Share on Google Plus

    About Rubaru News

    This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
      Blogger Comment
      Facebook Comment

    0 comments:

    Post a Comment