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    कला और नृत्‍य प्राचीन भारत और नई पीढ़ी के मूल्‍यों के बीच सेतु हैं : उपराष्‍ट्रपति


    नईदिल्ली 03/12/2018 (rubarudesk) @www.rubarunews.com>> उपराष्‍ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि कला और नृत्‍य प्राचीन भारत और नई पीढ़ी के बीच के मूल्‍यों का सेतु हैं। श्री नायडू आज चेन्‍नई में ब्रह्म गण  सभा की स्‍वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर तमिलनाडु के मछली पालन और विकास मंत्री श्री डी जयकुमार और अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित थे।
               उपराष्‍ट्रपति ने प्रसिद्ध शात्रीय संगीतवादक डॉ. के जे येसुदासन को गण  पद्मम पुरस्‍कारश्रीमती मलविका सरूक्कई को नाट्य पद्मम पुरस्‍कार और श्री वरदराजन को नाटक पद्मम पुरस्‍कार प्रदान किया।
             उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि शास्‍त्रीय संगीत और कला भारत के सांस्‍कृतिक गौरव का प्रतिनिधित्‍व करते हैंसंगीत और कला जीवन के उन अनंत सिद्धांतों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं जो सिद्धांत अनुशासनआज्ञा और शांतिपूर्ण-सह-अस्तित्‍व को प्रोत्‍साहित करते हैं।
            श्रीनायडू ने कहा कि किसी भी रूप में संगीत बराबरी पर लाने का काम करता है। संगीत की कोई सीमा नहीं होती। संगीत की भाषा सार्वकालिक होती है। उन्‍होंने कहा कि संगीत कला और संस्‍कृति एकता भाव को बढ़ावा देते हैं। जीवन शैली में परिवर्तन के दुष्‍प्रभाव पर चिंता प्रकट करते हुए श्री नायडू ने कहा कि आपाधापी में रहने की प्रवृति नौजवानों को जीवन की साधारण बातों का आनंद लेने से वंचित कर रही है। उन्‍होंने सरकारकलाकारों और संगीतकारों से भारतीय शास्त्रीय संगीत और कला को प्रोत्‍साहित करने का आग्रह किया ताकि युवा पीढी इसमें रुचि लें।
             उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि समय-समय पर विभिन्‍न अध्‍ययनों ने दिखाया है कि संगीत और कला में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का कौशल बेहतर होता है और वे पढ़ाई-लिखाई में भी अच्‍छे होते हैं। उप राष्‍ट्रपति ने कहा कि संगीत और नृत्‍य तथा किसी भी कला रूप में भाग लेने से बच्‍चों की स्‍मरण शक्ति में सुधार होता हैकुशलता बढ़ती है और ध्‍यान केंद्रित रहता है।
            श्री नायडू ने कहा कि स्‍कूली बच्‍चों के लिए विषय के रूप में संगीत को शामिल किया जाना चाहिए ताकि तनाव मुक्‍त माहौल सुनिश्चित किया जा सके और लिखने- पढ़ने की स्थिति में सुधार हो सके। उन्‍होंने कहा कि अब भारत और विदेश में अनेक विद्यार्थी ऑन लाईन स्रोतों तथा ट्यूटरों के माध्‍यम से भारतीय संगीत सीख रहे हैं इन प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत है।


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