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    स्वसहायता समूह के माध्यम से विमला का हुआ हमसफर आसान


    श्योपुर, 14/जनवरी/2019 (rubarudesk) @www.rubarunews.com>> आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम मालीपुरा निवासी श्रीमती विमला पत्नी श्री ओमप्रकाश सहरिया सिलाई कार्य के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने में सक्षम बन रही है। उनके द्वारा स्वसहायता समूह के माध्यम से तरक्की की रफ्तार पकड़कर स्वयं की मोटरसाइकिल से हमसफर आसान हो रहा है।  
              कराहल क्षेत्र के ग्राम मालीपुरा की निवासी श्रीमती विमला को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कर्मचारियों ने गांव में बताया कि स्वसहायता समूह के माध्यम से सिलाई, ड्रेस आदि का कार्य किया जाकर आर्थिक तंगी से निजात पाई जा सकती है। तब श्रीमती विमला एवं उनके पति श्री ओमप्रकाश ने एनआरएलएम के    जिला परियोजना समन्वयक एनआरएलएम श्री एसके मुदगल से संपर्क किया। उनकी प्रेरणा से सिलाई स्वसहायता समूह के द्वारा आर्थिक तरक्की की राह पकड़ते हुए हुई आमदनी की पहली कमाई से स्वयं एवं उनके पति मोटरसाइकिल से बाजार जाने की राह आसान हो गई है। 
    इसी प्रकार उनकी प्रेरणा से जाटखेड़ा निवासी लक्ष्मी जाटव एवं गौरस की रहने वाली सीमा आदिवासी तथा कृष्णा सहरिया द्वारा स्वसहायता समूह में काम करने की ठान ली। तब उन्होंने सिलाई कार्य में लगी महिलाओं को भी स्वसहायता समूह में काम करने की प्रेरणा दी। इन चारो ने मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्कूल ड्रेस निर्माण कर अपने परिवार के सपनों को रंग भरने की ठान ली। साथ ही सिलाई सेंटर से जुड़कर स्कूल ड्रेस निर्माण के कार्य में भी लगन और मेहनत से काम कर रही है। 
                 राज्य शासन के माध्यम से स्कूल ड्रेस निर्माण का कार्य मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को दिया गया है। इस मिशन के माध्यम से स्कूली बच्चों की ड्रेस तैयार कर विद्यालयों को प्रदान की जा रही है। कराहल की ग्राम मालीपुरा की श्रीमती विमला सहरिया, ग्राम जाटखेडा की लक्ष्मी जाटव, गौरस की सीमा आदिवासी एवं कृष्णा सहरिया द्वारा स्कूलों की ड्रेस बनाने के कार्य में हो रही आमदनी से तरक्की की राह पकड़ ली है। इन महिलाओं ने मोटरसाइकिल, टीवी आदि सामग्री भी क्रय कर अपने श्रम को आसान बना दिया है। वहीं महिलाएं अपनी आय से जहां घरेलु उपकरण खरीद रही है। वहीं आजीविका के लिए स्वयं की सिलाई मशीनों की भी व्यवस्था कर रही है। साथ ही इन महिलाओं ने खेती के सामान खरीदकर अपने परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है। 
                  आदिवासी विकासखण्ड कराहल के मालीपुरा निवासी श्रीमती विमला सहरिया ने बताया कि स्वसहायता समूह में कामकाज करने से हो रही आमदनी से परिवार की गाड़ी आसानी से चल रही है। साथ ही मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर आर्थिक तरक्की मिली है। जिसके कारण मोटरसाइकिल क्रय कर मेरा और पति का हमसफर आसान हुआ है। जिसका श्रेय मप्र सरकार, जिला प्रशासन और आजीविका मिशन को जाता है। 


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