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    माँ अपने बच्चों की प्रशिक्षक और मार्गदर्शिका होती है- रवि श्रीवास्तव


    दतिया (RamjisharanRai) @www.rubarunews.com इंटरनेशनल रोटरी क्लब दतिया मिडटाउन के तत्वावधान में मातृ दिवस के अवसर पर चैतन्य आश्रम हनुमान गढ़ी पर मातृ शक्ति का सम्मान किया गया,इस अवसर पर उपस्थित मातृ शक्ति पर सभी रोटोरियन ने माताओ पर अपने अपने विचार रखे।
                क्लब के अध्यक्ष पंकज जड़िया ने कहा कि हमारी मां हमारी सुरक्षा ढाल है जो हमें हर प्रकार के हमलों और कठिनाइयों से बचाती है। वह अपने सभी दुःखों को भूल अपने बच्चे की ज़रूरतों को पूरा करती है। जैसा कि आप सब जानते हैं आज मातृ दिवस है हम सभी को विशेष रूप से न केवल इस विशेष दिन पर हमारी माताओं को खुश करने की प्रतिज्ञा करनी चाहिए, बल्कि अपने जीवन के बाकी समय में भी अपनी माताओं का ध्यान रखना चाहिए। क्लब से रोटोरियन रवि श्री वास्तव ने कहां कि इस दुनिया में प्रवेश करने से लेकर इस दुनिया को अलविदा कहने तक हम अपने जीवन में कई रिश्तों की संरचना कर जाते हैं। कुछ रिश्ते थोड़ी देर के लिए बनाए जाते हैं, कुछ हमें धोखा दे जाते हैं, कुछ हमें छोड़ देते हैं जब हमें उनकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है और कुछ हमारा हर तरह के सुख-दुःख में साथ निभाते हैं। पर एक व्यक्ति जो किसी इंसान की बिना लालच के देखभाल, स्नेह और प्यार करती है वह "माँ" है। माँ अपने बच्चे की प्रशिक्षक और मार्गदर्शिका होती है। वह हमें सिखाती है कि हमें जीवन की मुसीबतों को कैसे झेलना है, कैसे बोलना है, कैसे लिखना है और व्यवहार संबंधी सभी सबक सिखाती है जो हमें बेहतर इंसान बनने और इस दुनिया में अपने आचरण को अच्छा रखने में मदद करता है। उपस्थित क्लब सचिव रामजी शरण राय ने अपनी बात रखते हुये बोला कि एक माँ अपने बच्चों को गर्भ में अपने खून के साथ पालती है और अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए बहुत त्याग करती है। वह इस पृथ्वी पर ईश्वर का विकल्प है। दुनिया का कोई भी प्रेम माता-पिता के प्रेम से अधिक नहीं हो सकता। संसार के सभी महान पुरुष अपनी मां के समर्थन और भक्ति के कारण ही उन उचाईंयों तक पहुंचे हैं जो हमेशा उनके लिए खड़ी रही और मुक़ाबले के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रही। गांधीजी एक ऐसे व्यक्ति का एक उदाहरण है जो अपनी मां, पुतलीबाई, के प्यार और भक्ति के कारण आगे बढ़े हैं।रोटरी क्लब के कोषाध्यक्ष तन्मय मिश्र जी 
            मातृ शक्ति पर अपने विचार रखते हुये बोला कि हर मां को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए और उन सभी कार्यों और त्यागों के लिए उसकी प्रशंसा की जानी चाहिए जो वह अपने बच्चों के लिए करती हैं। माँ अपने बच्चों के लिए सब कुछ करती है और अब इस कर्तव्य का निर्वाहन करने का समय हमारा है। हमें पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए हम अपनी माँ के लिए अपयश का कारण न बने और उसे दुःख न पहुंचाए। हमें इस बात को कभी नहीं भूलना चाहिए कि हमारे जन्म के समय के बाद से ही हम हर चीज के लिए अपनी माँ पर निर्भर रहते थे। वहीँ एक व्यक्ति है जिसने हर समय हमारा साथ दिया और पूरे दिल से हमारा पालन-पोषण किया। उसका प्यार और स्नेह अतुलनीय है। अंत मे अशोक सोनी ने सभी का आभार प्रकट करते हुये यहाँ मौजूद सभी माताओं को मदर्स डे की शुभकामनाएं देना चाहूंगा और मैं भगवान से दुआ करना चाहूँगा कि उनका हौसला और हिम्मत बनी रहे ताकि वे हर चुनौतीपूर्ण स्थिति का मुकाबला कर सकें। मदर्स डे पर क्लब अध्यक्ष पंकज जड़िया,सचिव रामजी राय, कोषाध्यक्ष तन्मय मिश्र,रवि श्री वास्तव, अशोक सोनी,नरेंद सोनी आदि रोटोरियन उपस्थित रहे।क्लब द्वारा सभी माताओं का रोटोरियन ने सम्मान किया। माताओं मे केन्द्रीय विधालय के प्राचार्य श्री सुभाष श्रीवास्तव जी की माँ श्रीमती उषा श्रीवास्तव जी कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रही, जिनके नेतृव में माताओ का सम्मान किया गया,जो बर्तमान मे सिटी हॉस्टिपल मे हेड नर्स के रूप मे पदस्थ है।साथ ही साथ अन्य माताओ मे शशि,आराधना, मंजू शर्मा, मनीषा गुप्ता,बंदना, राशि,कुसुम,दीपा, स्वेतलाना,कविता आदि माताएं उपस्थित रही।


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