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    राजा का इंतजार-प्रे-बेस के लिए 40 चीतल छोड़े,38 सांभर आ चुके है पूर्व में

    बून्दी 1/दिसंबर/2019 (KrishnaKantRathore) @www.rubarunews.com- रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य में शनिवार तड़के 40 चीतल हरिण छोड़े गए । वन विभाग जल्दी ही बून्दी के जंगलों को फिर से बाघों से आबाद करने की तैयारी में जुटा हुआ है और इसके तहत इस वर्ष के अंत तक बून्दी में बाघ को शिफ्ट करने की योजना है। जानकारी के अनुसार दिल्ली के मथुरा रोड़ स्थित चिड़ियाघर से 40 चीतल शनिवार को बून्दी के रामगढ़ में सुरक्षित शिफ्ट कर दिए गए हैं और वन विभाग ने टाइगर को  रामगढ़ में शिफ्ट करने की पूरी तैयारी कर ली है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बूंदी के जंगलों को ही प्रदेश में चौथे टाइगर रिज़र्व के रूप में विकसित करने की पूरी तैयारी चल रही है। इसके तहत ही बून्दी के वन क्षेत्र में बाघों के लिए प्रे-बेस बढ़ाया जा रहा है। इससे पूर्व अभयारण्य में दिल्ली चिड़ियाघर से ही 38 सांभर आ चुके है।
    अब बाघों के अनुकूल बना रामगढ़
                      दिल्ली चिड़ियाघर से सांभर व चीतल आने व टाइगर रिजर्व की तैयारी के साथ ही जिले का रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य अब पूरी तरह से बाघों के अनुकूल हो गया है। यहां पर पशुचारण व मानवीय दखल पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के से जंगल की आबोहवा बदल गई है। रामगढ़ महल क्षेत्र में मेज़ नदी का इलाका पूरी तरह से बाघों के अनुकूल बना दिया गया है। यहां पर ग्रासलैंड विकसित करने का कार्य सफलता पूर्वक पूरा किया जा चुका है तथा वन विभाग की शख्ती के चलते अभयारण्य में परिंदा भी पर नहीं मार सकता। 
                      वन विभाग ने बाघ को बून्दी में शिफ्ट करने का पूरी तरह से मन बना लिया है तथा इसके लिए एन टी सी ए की स्वीकृति का इंतजार है। अभी हाल ही में एक सांभर के शिकार प्रकरण में रामगढ़ रेंजर धर्मराज गुर्जर की शख्ती के चलते 2 शिकारियों की गिरफ्तारी से रामगढ़ के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में ख़ौफ़ है तथा वन5में अवैध गतिविधियों पर अब पूर्ण विराम लग गया है।
     बून्दी में T 115 बाघ के शिफ्टिंग की तैयारी
                     बून्दी जिले के लिए T 115 बाघ को शिफ्टिंग की तैयारी की जा सकती है। वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 2 बाघ बून्दी में विचरण कर रहे हैं जिनमे T 115 बाघ युवा है तथा अपनी नई टेरेटरी के लिए चम्बल किनारे जिले के कापरेन के आसपास भटक रहा है। दूसरा बाघ T 110 है जिसके पूर्व में ही रणथम्भोर में टेरेटरी है जिससे उसके रामगढ़ में पंहुचने की उम्मीद कम है जिसके चलते वन विभाग T 115 के रामगढ़ की।और मूवमेंट की इंतजार में है।
    *बाघों के इंतजार में बून्दी के जंगल*
                       बून्दी जिले के जंगल बाघों के इंतजार में पूरी तरह से तैयार है तथा जिले के कापरेन के पास विचरण कर रहे त 115 के रामगढ़ में स्वतः आने का इंतजार  है। विभाग की मंशा है कि रामगढ़ में नर बाघ स्वयं ही आ जाए ताकी  बाघिन को ही करना पड़े। यदि ऐसा नहीं हुआ तो इस माह के अंत तक या जनवरी माह में बून्दी के जंगलों में बाघों की शिफ्टिंग निश्चित है।
    पृथ्वी सिंह राजावत, पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक, बून्दी
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