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    हिमालय नवीन वलित पर्वत है, वहीं अरावली पर्वत माला विश्व की सबसे पुरानी पर्वत माला-सहायक संचालक जनसंपर्क पराग जैन

    श्योपुर, 8/जनवरी/2017 (rubarudesk) @www.rubarunews.com >> एमपीपीएससी 2013 की परीक्षा मे सफल एवं श्योपुर जिले के सहायक संचालक जनसंपर्क पराग जैन ने दूसरे दिन के लेक्चर मे बताया कि
    हिमालय नवीन वलित पर्वत है, वहीं अरावली पर्वत माला विश्व की सबसे पुरानी पर्वत माला है। वे आज भूगोल विषय से संबंधित घटनाओं को निःशुल्क एमपीपीएससी कोचिग के छात्र-छात्राओं को समझा रहे थे।
    दूसरे दिन के लेक्चर मे कोचिग समन्वयक एवं मार्गदर्शक परीक्षित भारती, रूपलक्ष्मी ढालिया, शिल्पी गांगिल, शक्ति सिंह, सहभागिता समिति अध्यक्ष दिव्या गोले, उपाध्यक्ष नम्रता सिंघल, कोषाध्यक्ष अनुराधा गुप्ता, प्रचार मंत्री धूली पटेलिया और छात्र छात्राएँ उपस्थित थे।
    सहायक संचालक जनसंपर्क पराग जैन ने वृहद हिमालय, मध्य हिमालय, लघु हिमालय व शिवालिक के बारे मे बताया, वहीं जम्मू कश्मीर की पीरपंजाल से पूर्वी राज्यों तक फैली पर्वत माला की जानकारी दी, साथ ही अरूणाचल प्रदेश की पहाड़ियों के बारे मे बताया । नर्मदा घाटी की सतपुडा पहाड़िया ब्लॉक पर्वत का उदाहरण है तो विंध्य पर्वत माला क्षरित पर्वत माला है।
    जनसंपर्क के सहायक संचालक पराग जैन ने बताया कि भारत का पश्चिमी घाट ब्लॉक पर्वत का ही उदाहरण है, जो पूर्व के घाट से उठा हुआ है।
    छात्र छात्राओं से भारत का मानचित्र बनवाकर, भारत सारी पर्वत माला का मानचित्र मे अंकन कराकर सभी की परीक्षा ली, वहीं अगले टेस्ट के लिए सौरमण्डल पढ़कर आने की सलाह दी गई।
    कोचिग समन्वयक परीक्षित भारती ने सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम की 17 धाराओं पर प्रकाश डाला, उन्होंने बताया कि सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम की पहली धारा मे अधिनियम का नाम सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 है, वहीं इसका विस्तार संपूर्ण भारत है, अधिनियम 8 मई 1955 को बनकर तैयार हुआ है, 1 जून 1955 को लागू हुआ है।
    इस अधिनियम की धारा 2 मे परिभाषाए दी गई, वहीं धारा 3 से 12 तक मे दण्ड व जुर्माने का प्रावधान है। 13 मे न्यायालय का क्षेत्राधिकार, 14 मे कंपनी, 14(क) संरक्षण, 15 मे अपराध संज्ञेय, 15(क) पीड़ितों को मुख्यधारा मे लाने के लिए केन्द्र सरकार के नियम के तहत राज्य सरकार प्रयास करेगी, 16 यह अधिनियम समक्ष रूढी, डिक्री पर अध्यारोही होगा, 16(क) 1958 का परिवीक्षा अधिनियम 14 वर्ष ऊपर आयु पर लागू नहीं होगा, 16(ख) मे नियम बनाने की शक्ति केन्द्र सरकार की होगी, वहीं धारा 17 मे निरसन को समझाया।⁠⁠⁠⁠
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